कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक फर्जी फर्म को सीमेंट और एल्यूमीनियम स्क्रैप का कारोबार बताकर ₹8.57 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
यशमीन ट्रेडर्स नाम की यह कंपनी 23 दिसंबर 2024 को GST के लिए पंजीकृत हुई थी। राज्य कर विभाग की जाँच में पता चला कि घोषित पते पर कोई असली कारोबार नहीं था। वहाँ सिर्फ एक बंद दुकान पड़ी थी।
फर्जी बिल से की धोखाधड़ी
सहायक आयुक्त अनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में जाँच दल ने ऑनलाइन अध्ययन के बाद सीधे जगह पर निरीक्षण किया। दुकान के मालिक ने बताया कि यह दुकान करीब चार महीने पहले खाली की गई थी।
जाँच के दौरान फर्म के प्रतिनिधि को बुलाया गया, लेकिन वे कोई व्यावसायिक रिकॉर्ड नहीं ला सके। कंपनी के मालिक ने जाँच में न तो हाजरी दी और न ही कोई दस्तावेज़ पेश किए।
सरकार को बड़ा नुकसान
पूरे मामले में सरकार को ₹85.73 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है। यह धोखाधड़ी 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की अवधि में की गई थी।
नौबस्ता थाने के प्रभारी बहादुर सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट (तहरीर) दर्ज की है। उप-निरीक्षक संग्राम सिंह यादव इस मामले की जाँच कर रहे हैं।