उत्तर प्रदेश के फॉरेंसिक साइंस संस्थान (यूपीएसआईएफएस) के 12 छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में काम करने का मौका मिला है।
निमिषा सिंह के नेतृत्व में बनी इस 'टीम 12' में ईशानी पांडे, ईशानी ओझा, सिद्धि वत्स और साक्षी गहलोत समेत 11 अन्य छात्र शामिल हैं। संस्थान के 150 छात्रों ने अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए थे, जिसमें से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इस टीम का चयन किया गया।
मूल्यांकन और नेतृत्व
अमेरिका में कार्यरत ब्राविटी के सीईओ पवन शर्मा और केआईपीएल के सीईओ पराग शेंडे ने इन छात्रों के प्रेजेंटेशन का मूल्यांकन किया। दोनों ने छात्रों की तकनीकी प्रतिभा की सराहना की।
संस्थान का लक्ष्य
यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक जीके गोस्वामी के अनुसार, यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण के अनुरूप है। संस्थान तकनीक, कानून और फॉरेंसिक विज्ञान को एकीकृत करके शिक्षा देता है।
डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक अपराध जांच संस्थान के मुख्य क्षेत्र हैं। यह परियोजना छात्रों को कक्षा के ज्ञान को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों में लागू करने का अवसर देती है।
संस्थान का प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल निमिषा सिंह की नेतृत्व में इस पहल को आगे बढ़ा रहा है। गोस्वामी के अनुसार, यह पहल अनुसंधान, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास के नए रास्ते खोल सकती है।