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यूपी होमगार्ड भर्ती में चार दिन में चार मौतें

मेरठ, लखनऊ और मुरादाबाद में शारीरिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की अचानक मृत्यु हुई है।

स्टेडियम में दौड़ते समय अभ्यर्थी को चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में चार दिन के अंदर चार अभ्यर्थियों की मौत हो गई है। मंगलवार को मेरठ और लखनऊ में एक-एक युवक की जान चली गई, बुधवार को मेरठ में दूसरी मौत हुई और शुक्रवार को मुरादाबाद में तीसरी घटना घटी।

प्रदेश में होमगार्ड्स के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई थी। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को स्टेडियम में 12 चक्कर लगाने होते हैं जो कुल 4.8 किमी की दौड़ होती है और इसे 28 मिनट में पूरा करना अनिवार्य है।

मृतक अभ्यर्थियों की पहचान

मंगलवार को शामली निवासी पूर्व सैनिक 40 वर्षीय अंकुज मलिक का मेरठ में निधन हुआ। उसी दिन लखनऊ में सीतापुर निवासी योगेंद्र सिंह की मौत हो गई। बुधवार को मेरठ में हापुड़ निवासी तरुण कुमार की जान चली गई।

सबसे हाल की घटना शुक्रवार को मुरादाबाद में घटी जब बरेली निवासी 28 वर्षीय शिवम यादव दौड़ के दौरान गिर गए। शिवम बीटेक और बीएड दोनों में स्नातक थे और कोचिंग क्लास भी संचालित करते थे। उन्होंने लगभग एक साल तक इस भर्ती की तैयारी की थी। वह 11 चक्कर पूरा कर चुके थे और फिनिश लाइन से मात्र 50 मीटर पहले गिर गए। विशेषज्ञों के अनुमान में दिल का दौरा ही मृत्यु का कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मेरठ जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव गौरव त्यागी के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में ऐसी घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं, लेकिन नियमित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में यह नहीं होता। क्षमता से अधिक तेज़ दौड़ने से हृदय गति अनियंत्रित हो जाती है जो जानलेवा हो सकती है।

मेरठ के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. संजीव सक्सेना और वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही ने भर्ती परीक्षा से पहले स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां रखना बेहद आवश्यक बताया है।

दौड़ते समय ध्यान रखने वाले लक्षण

दौड़ते समय यदि चक्कर आना, अत्यधिक सिरदर्द, उल्टी का अहसास, भ्रम होना या अचानक पसीना आना बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत दौड़ रोक देनी चाहिए। ऐसी स्थिति में छायादार जगह पर जाकर ठंडा पानी पीना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

दौड़ की तैयारी शुरू करने से पहले ईसीजी, ब्लड प्रेशर और बेसिक हीमोग्लोबिन की जांच अवश्य करानी चाहिए। इससे छिपी हुई हृदय या सांस संबंधी बीमारियों का पता चल सकता है।

परीक्षा से 24-48 घंटे पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। सादा पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी या ओआरएस लेना चाहिए ताकि शरीर में सोडियम और पोटेशियम का संतुलन बना रहे।

खाली पेट दौड़ने से बचना चाहिए। दौड़ने से डेढ़ से दो घंटे पहले हल्का कार्बोहाइड्रेट जैसे केला या दलिया लें। खाली पेट दौड़ने से रक्त शर्करा कम हो सकती है।

बिना चिकित्सकीय सलाह के फैट बर्नर, प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट या किसी भी प्रकार के स्टेरायड का सेवन न करें। ये हृदय गति को असामान्य रूप से बढ़ाते हैं।

दौड़ के दिन से एक दिन पहले कम से कम सात-आठ घंटे की गहरी नींद आवश्यक है। मानसिक और शारीरिक थकान से मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा बढ़ जाता है।

सही ग्रिप वाले हल्के रनिंग शूज़ पहनें और दौड़ने से 10-15 मिनट पहले हल्का व्यायाम जरूर करें। भर्ती परीक्षा से एक सप्ताह पहले नियमित दौड़ लगाना चाहिए ताकि शरीर की क्षमता का सही आकलन हो सके और शरीर उस परिश्रम के लिए तैयार हो जाए।