उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह और विभिन्न दलों के प्रवक्ताओं के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
चर्चा में यूपी पुलिस की कार्यशैली सीधे निशाने पर रही। कई एनकाउंटरों की सत्यता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।
विपक्ष का आरोप
विपक्षी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई हो रही है। उनका कहना था कि कुछ मामलों में भेदभाव साफ नजर आता है।
बहस के दौरान एनकाउंटर में अपनाए जाने वाले तरीकों पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग राय रखीं।
अपराध के आंकड़ों पर मतभेद
राज्य में अपराध से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी नेता आमने-सामने आ गए। किसी एक पक्ष ने आंकड़ों की सत्यता पर संदेह जताया, तो दूसरे पक्ष ने सरकार के दावों का बचाव किया।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने पुलिस की भूमिका और कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखी। हालांकि चर्चा में सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
यह बहस उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक टकराव का ताजा उदाहरण है।