समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में तीसरा प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है। इसका संकेत खुद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को दिया। इससे भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यह फैसला मंगलवार सुबह लिया गया, नामांकन की आखिरी तारीख से एक दिन पहले। सपा पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बना चुकी है। दोनों ने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
तीसरे उम्मीदवार की अटकलें खत्म
इससे पहले सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा था, "हमारा तीसरा उम्मीदवार अब मंगलवार (6 अक्टूबर) को नामांकन दाखिल करेगा। हमें भाजपा को करारी हार देने का भरोसा है।" पीटीआई से बातचीत में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि पूर्व राज्य मंत्री अरविंद सिंह गोप या पार्टी नेता राजपाल कश्यप संभावित 'सरप्राइज' उम्मीदवार हो सकते हैं। लेकिन मंगलवार के फैसले ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया।
भाजपा के आठ उम्मीदवार
भाजपा ने सोमवार को अपने आठ राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। इस सूची में राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार और प्रकाश पाल जैसे तीन ओबीसी चेहरे शामिल हैं। विद्यासागर सोनकर और प्रियंका सिंह रावत को दलित वर्ग से मौका मिला है। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय ब्राह्मण समुदाय से हैं, जबकि राम प्रताप सिंह चौहान ठाकुर समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्रुति गंगवार और प्रियंका सिंह रावत पार्टी की इस सूची में दो महिला उम्मीदवार हैं। भाजपा की घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने जारी की।
पूरे देश में चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने पहले ही 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इनमें 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं और एक सीट उत्तराखंड की है। ये सीटें नवंबर में मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने पर खाली होंगी। 4 अक्टूबर को भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक (कोयल मल्लिक) को उम्मीदवार बनाया था। उत्तर प्रदेश की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
आगे क्या
मौजूदा राज्यसभा में भाजपा के 116 सदस्य हैं, जो इसे उच्च सदन की सबसे बड़ी पार्टी बनाता है। विश्लेषकों के अनुसार भाजपा सात सीटें आसानी से जीत सकती है, जबकि सपा अपने दम पर दो सीटें हासिल करने की स्थिति में है। दसवीं सीट को लेकर क्रॉस वोटिंग की अटकलें पहले लगाई जा रही थीं, लेकिन सपा के तीसरा प्रत्याशी न उतारने से अब यह सवाल भी समाप्त हो गया है। नामांकन की अंतिम तारीख बुधवार को है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।