उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह पहल राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और सरकारी कामकाज तथा नागरिक सेवाओं में AI का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग बढ़ाने के लिए है।
IT और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अलोक कुमार ने कहा कि UP-AIM के माध्यम से राज्य AI पर आधारित नवाचार, शोध, कौशल विकास, स्टार्टअप्स, उद्यमिता, उच्च गणना क्षमता और डिजिटल जनसेवाओं को मजबूत करेगा।
स्टार्टअप्स और प्रतिभा विकास पर ज़ोर
मिशन के तहत 100 से अधिक AI उपयोग के मामलों को विकसित किया जाएगा या लागू किया जाएगा। इनमें से 25 से 30 प्रमुख अनुप्रयोगों को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाएगा।
कम से कम 100 AI स्टार्टअप्स को वित्तीय और गैर-वित्तीय समर्थन दिया जाएगा। राज्य 5 लाख युवाओं को AI-संबंधित कौशल का प्रशिक्षण देगा और 50,000 फॉरवर्ड डिप्लॉयड AI प्रोफेशनल तैयार करेगा।
जिलों में केंद्र और सात स्तंभ
सभी 75 जिलों में AI केंद्र विकसित किए जाएंगे। ये केंद्र स्थानीय समस्याओं का समाधान करने वाली नई तकनीकें, प्रशिक्षण, रोज़गार और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
मिशन सात मुख्य स्तंभों पर काम करेगा। इनमें UP AI स्टैक और डेटा एक्सचेंज, AI प्रतिभा और भविष्य के कौशल, AI अनुसंधान और उत्कृष्टता केंद्र, AI स्टार्टअप्स और लघु एवं मध्यम उद्यम, AI कंप्यूटिंग और डिजिटल ढाँचा, AI विश्वास और आश्वस्तता, तथा जिला-स्तरीय AI सक्षमता शामिल हैं।
संस्थागत ढाँचा और UP AI स्टैक
UP-AIM को IT और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत एक स्वतंत्र सोसायटी के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसका नेतृत्व एक मुख्य कार्यपालक (CEO) करेगा, जिसे शीर्ष निकाय, संचालन बोर्ड और कार्यकारी समिति का समर्थन होगा।
एक समन्वित UP AI स्टैक विकसित किया जाएगा, जिसमें AI के लिए तैयार डेटा प्रणाली, AI संचालन ढाँचा, विभागीय AI अनुप्रयोग, सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान मंच और GPU-आधारित AI कंप्यूटिंग सुविधाएं होंगी।