आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से हुई भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। सोमवार देर रात शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। लगातार पानी बरसने से शहर की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हुई।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, बंदर रोड, पॉलीक्लिनिक रोड और वन टाउन के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। इससे दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लगा।
तीन प्रमुख इलाकों में जलभराव
बारिश का असर शहर के व्यस्त मार्गों पर भी दिखाई दिया। बंदर रोड और पॉलीक्लिनिक रोड पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। वन टाउन के कुछ हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति बनी। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने की आशंका बढ़ गई।
चक्रवात मुरासु ने बढ़ाई मौसम की चुनौती
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात मुरासु ने 3 नवंबर की सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के नजदीक दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही और झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
जिला कलेक्टर की लोगों से अपील
NTR जिले की कलेक्टर लक्ष्मी शाह ने लोगों से अपील की कि बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। उन्होंने दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को मंगलवार को बंद रखने की सलाह दी और अभिभावकों से बच्चों को घर के अंदर रखने का आग्रह किया।
प्रशासन ने संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मोगलराजपुरम क्षेत्र के कुछ परिवारों को एहतियातन राहत शिविरों में भी पहुंचाया। अधिकारियों ने लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा।
आगे भी सतर्क रहने की जरूरत
चक्रवात के तट पार करने के बाद भी बारिश और तेज हवाओं का खतरा तुरंत खत्म नहीं हुआ। मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई। ऐसे में जलभराव वाले रास्तों से गुजरने, बिजली के खंभों और पेड़ों के पास रुकने से बचना जरूरी है