केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code–UCC) को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सत्ता में लौटती है, तो राज्य में UCC लागू किया जाएगा। शाह ने यह घोषणा 30 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में की।
भाजपा की वापसी पर UCC लागू करने का वादा
अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में UCC लागू हो चुका है और अब उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने लगे हैं। इस घोषणा से UCC भाजपा के आगामी चुनावी एजेंडे के प्रमुख मुद्दों में शामिल होता दिखाई दे रहा है।
क्या है समान नागरिक संहिता?
समान नागरिक संहिता का अर्थ है कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और विरासत जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रावधान लागू किए जाएं।
वर्तमान में भारत में इन विषयों पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानून लागू हैं। संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, यह नीति-निर्देशक सिद्धांतों का हिस्सा है, मौलिक अधिकारों की तरह सीधे अदालत में लागू कराया जाने वाला प्रावधान नहीं।
किन राज्यों में UCC कानून बन चुका है?
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश इस दिशा में कानून पारित करने वाले राज्यों में शामिल हैं। इन राज्यों के कानूनों और उनके लागू होने की स्थिति में अंतर हो सकता है; इसलिए इन्हें एक जैसी व्यवस्था मानना सही नहीं होगा।
2027 चुनाव के लिए भाजपा की तैयारी तेज
लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
शाह ने कार्यकर्ताओं से आपसी नाराजगी और मतभेद दूर कर संगठन को मजबूत करने तथा बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दी।
इस तरह उनके भाषण में UCC के वादे के साथ-साथ विपक्ष पर राजनीतिक हमला और भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का संदेश भी शामिल रहा।
आगे क्या होगा?
अमित शाह का बयान फिलहाल भाजपा की ओर से किया गया चुनावी वादा है। उत्तर प्रदेश में UCC लागू करने के लिए सत्ता में वापसी के बाद कानून का मसौदा तैयार करना, संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करना और विधायी प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा।
कानून का वास्तविक स्वरूप, उसका दायरा, लागू होने की समयसीमा और विभिन्न समुदायों पर उसका प्रभाव आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उत्तर प्रदेश में UCC किस रूप में लागू किया जाएगा।