उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अक्टूबर 2026 को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत भारी बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
इस बदलाव का असर राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के लखनऊ पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और कुछ समय के लिए बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
लखनऊ में 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
राजधानी के लिए जारी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को बादल छाए रहने के बाद आसमान और अधिक घना हो सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
हवा की सामान्य रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा रहने और झोंकों में यह 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। IMD ने लखनऊ के लिए बिजली चमकने और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी भी दी है।
मौसम का विवरण
अनुमान
अधिकतम तापमान
29°C
न्यूनतम तापमान
22°C
हवा की सामान्य रफ्तार
30–40 किमी/घंटा
तेज झोंके
50 किमी/घंटा तक
मौसम
बादल, बारिश और गरज-चमक
पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
IMD के 30 अक्टूबर के उप-मंडलवार चेतावनी बुलेटिन में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए Very Heavy Rain की चेतावनी दर्ज की गई है। इसके साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की आशंका भी जताई गई है।
पूर्वांचल और अवध क्षेत्र के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी यूपी में आंधी और ओलावृष्टि का खतरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
इससे खुले इलाकों में रहने वाले लोगों, किसानों और खेतों में काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़, बिजली के खंभे, अस्थायी ढांचे और खुले स्थान जोखिम पैदा कर सकते हैं।
किन इलाकों में पहले से जताई गई थी बारिश की आशंका?
27 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने 28 से 31 अक्टूबर के बीच उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई थी।
इस दौरान चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर जैसे जिलों में बारिश की आशंका बताई गई थी। वहीं बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित तराई क्षेत्र के कुछ जिलों में भी 30 अक्टूबर को खराब मौसम का पूर्वानुमान था।
किसानों की बढ़ सकती है चिंता
अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश और तेज हवाएं किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं। खेतों में तैयार फसलों, काटकर रखी गई उपज और खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
तेज बारिश से खेतों में पानी भर सकता है, जबकि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। प्रशासन और राहत आयुक्त कार्यालय ने किसानों को कृषि उपज सुरक्षित रखने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है।
आंधी और बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह के अनुसार, खराब मौसम में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
आंधी के दौरान पक्के मकान या सुरक्षित इमारत के अंदर रहें।
पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर दीवारों से दूर रहें।
बिजली चमकने पर खुले मैदान या खेत में खड़े न रहें।
तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचें।
तेज हवा के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
किसानों को फसल और कृषि उत्पाद सुरक्षित स्थान पर रखने चाहिए।
पशुओं को खुले मैदान के बजाय सुरक्षित आश्रय में रखें।
मौसम संबंधी ताजा चेतावनी के लिए IMD और सरकार के SACHET ऐप की जानकारी देखते रहें।
31 अक्टूबर से मौसम में सुधार की संभावना
लखनऊ के सात दिवसीय स्थानीय पूर्वानुमान में 31 अक्टूबर से मौसम में सुधार के संकेत दिए गए हैं। इस दिन सुबह तक बादल रहने के बाद आसमान के आंशिक रूप से साफ होने की संभावना है। इसके बाद 1 नवंबर से आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है।
हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति बदल सकती है। इसलिए स्थानीय जिला प्रशासन और IMD के अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को मौसम की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में आंधी, बिजली तथा ओलावृष्टि की चेतावनी है। लखनऊ में भी 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत है।