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योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा शुरू की

शून्य कमीशन मॉडल पर चलेगी सेवा, चालकों को मिलेगा ₹5 लाख का सामाजिक सुरक्षा कवर

लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम का दृश्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने टैक्सी चालकों और किसानों के लिए एक साथ दो बड़ी योजनाओं का ऐलान किया।

भारत टैक्सी के तहत दोपहिया, तिपहिया और टैक्सी चालक बिना किसी कमीशन के इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे। पंजीकरण कराने वाले चालकों को ₹5 लाख तक का सामाजिक सुरक्षा कवर भी दिया जाएगा।

सहकारी मॉडल पर आधारित सेवा

न्यूज़ ट्रैक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत टैक्सी देश की पहली सहकारिता आधारित ऐप टैक्सी सेवा है। इसमें चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी प्लेटफॉर्म के सदस्य और मालिक की भूमिका में होंगे।

आम ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं से अलग, इस सेवा का मकसद है कि इससे होने वाला मुनाफा बाहरी कंपनियों की बजाय सीधे चालकों तक पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में तैयार की गई है।

भारत टैक्सी फिलहाल लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चालू है। इसे लखनऊ हवाई अड्डे, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है।

किसानों के लिए ब्याज दर घटी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को मिलने वाले कर्ज पर ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप और यूपीसीडीसी का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इसके साथ उर्वरक सेवाओं और सहकारी डेटा सेंटर से जुड़े मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए गए।

सहकारिता में नेतृत्व की भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका नेतृत्व किसके हाथ में है। उन्होंने कहा कि अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का साधन बना देता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार देश में सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया, और अब इसके नतीजे दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी और नए आर्थिक अवसरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।