किसान पथ पर पलटे फॉर्मेलिन टैंकर से मचा हड़कंप
लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में किसान पथ पर फॉर्मेलिन से भरा टैंकर पलटने के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। सोमवार शाम टायर फटने के बाद टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिसके बाद उसमें मौजूद केमिकल के रिसाव से आसपास तेज गंध और धुएं जैसी स्थिति बनी।
घटना मानपुर-बाना अंडरपास के पास हुई। हादसे के बाद प्रशासन ने प्रभावित हिस्से में आवाजाही रोककर इलाके को घेर लिया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा।
CM योगी ने दिए सुरक्षा और मॉनिटरिंग के निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, प्रभावित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और जरूरत के मुताबिक तत्काल सभी जरूरी कदम उठाने को कहा। यानी प्रशासन के लिए प्राथमिकता फिलहाल लोगों को केमिकल के संपर्क से दूर रखना और रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करना है।
पुलिस, फायर, SDRF और NDRF मौके पर
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रभावित क्षेत्र को घेरकर लोगों और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
DCP नॉर्थ अमित कुमार आनंद के मुताबिक विशेषज्ञ टीमें केमिकल को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया में जुटी थीं। मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद रखी गई थी ताकि किसी व्यक्ति को केमिकल के संपर्क में आने पर तत्काल सहायता मिल सके।
फॉर्मेलिन के संपर्क से आंख और गले में जलन
रिसाव के बाद आसपास के लोगों ने आंखों, नाक और गले में जलन, खांसी तथा सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें बताईं। अलग-अलग रिपोर्टों में प्रभावित क्षेत्र और लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है, इसलिए इसे लेकर कोई एक निश्चित आंकड़ा देना फिलहाल उचित नहीं है।
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि यदि केमिकल के संपर्क में आने के बाद आंख या त्वचा में जलन हो तो प्रभावित हिस्से को साफ ठंडे पानी से धोएं और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें।
किसान पथ पर ट्रैफिक रोका गया
केमिकल रिसाव को देखते हुए प्रशासन ने हादसे वाले हिस्से को डेंजर जोन मानकर यातायात रोक दिया। पुलिस ने बैरिकेडिंग की और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया।
इस कदम का मकसद लोगों को संभावित केमिकल एक्सपोजर से बचाना और बचाव दलों को बिना रुकावट काम करने के लिए सुरक्षित क्षेत्र उपलब्ध कराना था।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन निगरानी जारी
अधिकारियों ने बाद में बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर विशेषज्ञ टीमों के साथ मेडिकल स्टाफ भी मौजूद था और केमिकल को निष्क्रिय करने का काम जारी था।
ADM राम जी मिश्रा के मुताबिक तत्काल स्थिति गंभीर या भयावह नहीं दिखाई दे रही थी, लेकिन केमिकल की प्रकृति को देखते हुए जरूरी चिकित्सकीय और सुरक्षा उपाय जारी रखे गए।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री की ओर से continuous monitoring पर जोर दिया गया है। हादसा नियंत्रित होने के बावजूद प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले रिसाव, केमिकल के अवशेष और सड़क की स्थिति की जांच जरूरी है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंकर टायर फटने के बाद अनियंत्रित हुआ और सड़क पर पलट गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक टैंकर फॉर्मेलिन लेकर हरदोई के संडीला से लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र की एक प्लाईवुड फैक्ट्री की ओर जा रहा था।
हालांकि हादसे की विस्तृत जांच अभी बाकी है। इसलिए टायर फटने को फिलहाल प्रारंभिक कारण के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती
फिलहाल प्रशासन के सामने तीन प्रमुख चुनौतियां हैं—केमिकल को पूरी तरह निष्क्रिय करना, लोगों को सुरक्षित रखना और सड़क को दोबारा यातायात के लिए सुरक्षित बनाना।
इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि रिसाव के बाद सड़क या आसपास के क्षेत्र में बचा हुआ केमिकल लोगों के लिए आगे कोई खतरा न पैदा करे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन की निगरानी और राहत व्यवस्था को लगातार जारी रखने पर जोर है। जब तक विशेषज्ञ टीमें क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं करतीं, लोगों को प्रभावित हिस्से से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
जनता के लिए जरूरी सावधानी
अगर किसी व्यक्ति को इस घटना के आसपास आंखों या गले में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो उसे तुरंत प्रभावित इलाके से दूर जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। केमिकल के पास जाकर स्थिति देखने या वीडियो बनाने के लिए भीड़ लगाने से बचना जरूरी है।