मथुरा के छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग पर करीब 40 दिन से चल रहे धरने को पुलिस ने सोमवार तड़के जबरन खाली करा दिया। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने करीब 30 गांवों में पंचायतें बुलाकर मिल की ओर कूच शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे सेवानिवृत्त सैनिकों और ग्रामीणों को हटाने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में रोष भड़क गया। सुबह होते-होते अलग-अलग गांवों से लोग समूहों में मिल की तरफ पहुंचने लगे।
गांव-गांव से जुटे लोग, बढ़ी भीड़
जैसे-जैसे पुलिस की कार्रवाई की खबर आसपास के गांवों तक पहुंची, प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से हटा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर मिल को तुरंत चालू कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जब तक मिल शुरू नहीं होती, आंदोलन नहीं रुकेगा।
अधिकारी पहुंचे मौके पर, बातचीत बेनतीजा
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, एडीएम पंकज वर्मा और अमरेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
पुलिस-पीएसी की भारी तैनाती
बढ़ती भीड़ को देखते हुए छाता शुगर मिल और आसपास के गांवों में पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात कर दी गई है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि मिल चालू होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को अचानक बढ़े तनाव और पुलिस बल की तैनाती से इलाके का माहौल गरमाया हुआ है।