उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी में बार एसोसिएशन अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात ने अधिवक्ता समुदाय और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले गयादीन अहिरवार के पैर छुए और सम्मान जताते हुए उन्हें कार में बैठाया। इसके बाद उन्हें अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे जमीन का पुराना विवाद सामने आया है। मामले में तीन कथित हमलावरों को पहले गिरफ्तार किया गया। बाद में हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा गया।
पैर छूकर भरोसा जीता, फिर कार में बैठाकर ले गए
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को गयादीन अहिरवार उरई स्थित अदालत से अपने घर लौटे थे। इसी दौरान उन्होंने बेटे हर्ष से उन्हें एक चौराहे पर छोड़ने को कहा, जहां कथित तौर पर एक मुवक्किल से केस की फाइल लेनी थी।
वहां पहले से एक कार में कुछ लोग मौजूद थे। आरोप है कि उनमें से एक व्यक्ति ने गयादीन अहिरवार के पैर छुए और उनसे चाय-नाश्ते के बहाने कार में बैठने को कहा। इसके बाद आरोपी उन्हें लेकर वहां से चले गए।
जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन बंद मिला, तो परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।
कानपुर की नहर से बरामद हुआ शव
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। 1 नवंबर को तीन आरोपियों को कानपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कानपुर के गुजैनी क्षेत्र की नहर से गयादीन अहिरवार का शव बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, हत्या के दौरान आरोपियों ने कार में रखे भारी वाहन जैक से उनके सिर पर वार किए थे। घटनास्थल से खून से सना जैक भी बरामद किए जाने की खबर है।
पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल
पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार बरामद करने के लिए कालपी क्षेत्र के जंगल में पहुंची थी। पुलिस के दावे के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों ने झाड़ियों में छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के पैर में गोली लगी। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। तीसरे आरोपी केशव कटियार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कथित साजिशकर्ता इंद्रजीत सिंह यादव को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इंद्रजीत पर हत्या की सुपारी देने का आरोप है। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
जमीन विवाद को बताया जा रहा हत्या की वजह
जांच में पुलिस को जालौन के कदौरा क्षेत्र की एक जमीन को लेकर पुराना विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गयादीन अहिरवार और कानपुर निवासी निजी ठेकेदार इंद्रजीत सिंह यादव के बीच वर्ष 2015 से जमीन को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था।
पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते इंद्रजीत ने कथित तौर पर मोनू यादव को हत्या की सुपारी दी थी। मोनू पर तीन अन्य लोगों की मदद से वारदात को अंजाम देने का आरोप है। वह अभी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश
गयादीन अहिरवार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उनकी हत्या के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं और परिजनों में आक्रोश है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर सबकी नजर है।
अब जांच के अहम सवाल हैं कि हत्या की पूरी साजिश कैसे रची गई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।