कानपुर में शिवराजपुर हाईवे पर चालक की मुखबिरी के बाद 17 सितंबर को बकरा व्यापारी आबिद से 4.31 लाख रुपये की लूट हुई। चालक आसिफ इदरीसी को दो लाख रुपये का लालच देकर साजिश में शामिल किया गया था।
साजिश के अनुसार आसिफ ने व्यापारी को साथ लेकर निकलते ही मोबाइल से लुटेरों को लोकेशन भेज दी। शिवराजपुर अंडरपास के पास डंडा लेकर 10 बदमाश काली रंग की एक्सयूवी से बाहर निकले और कार रुकने का इशारा किया। आसिफ ने तुरंत कार रोक दी और लुटेरे व्यापारी को धमकाकर बैग छीनकर भाग निकले।
साजिश कैसे बनी
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आसिफ दो साल से आबिद की कार चला रहा था। आबिद हर गुरुवार भोर में हरदोई बाजार करने जाते हैं। आबिद के घर के पास रहने वाले मोहम्मद साहिल और आसिफ दोस्त थे। साहिल ने आसिफ से लूट की साजिश रची और दो लाख देने का प्रस्ताव दिया।
पहले आसिफ ने इनकार किया, लेकिन 10 दिन पहले दो लाख की रकम सुनकर राजी हो गया। साहिल को अपनी पहचान छिपानी थी, इसलिए उसने चौबेपुर के ब्रह्मनगर में रहने वाले सक्षम ठाकुर को शामिल किया। सक्षम ने मयंक सैनी (ऋषि) से एक्सयूवी-500 कार ली और अन्य लड़कों को लूट के लिए तैयार किया।
लूट से एक सप्ताह पहले बदमाशों ने रिहर्सल की। वारदात के बाद सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए वे हाईवे छोड़कर खेरेश्वर मंदिर अंडरपास, बिठूर-मैनावती मार्ग और बैराज होते हुए काकादेव पहुंचे।
पांच गिरफ्तार, सात फरार
रविवार को पुलिस ने मैनावती मार्ग पर आसिफ इदरीसी, शिवम कुमार (मॉडल), मयंक सैनी (ऋषि), आयुष सैनी और अनुज यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूट में इस्तेमाल की गई कार, 1.19 लाख रुपये, तीन लकड़ी के और एक प्लास्टिक का डंडा बरामद किया। मयंक की कार उसकी मां प्रीति सैनी के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
सक्षम ठाकुर, मोहम्मद साहिल, अंश तिवारी (बॉबी), सोनू पाल, शशांक पंडित (छोटे पंडित), शोभित यादव (डोडे) और बड़े पंडित अभी भी फरार हैं। पुलिस इन सभी की तलाश में है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पैसे बरामद
लूट के बाद सभी आरोपियों ने खूब शराब पी। कुछ लोग स्पा में मसाज कराने गए। इसके बाद बाकी रुपये आपस में बांट लिए। पुलिस को मयंक के पास 46 हजार, आयुष से 40 हजार, अनुज यादव से 30 हजार और शिवम के पास 3500 रुपये मिले।