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10 लाख की सुपारी लेकर कालपी बार अध्यक्ष की हत्या! मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, नहर से मिला था शव

जालौन के कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार का कथित तौर पर केस की फाइल देने के बहाने अपहरण किया गया और कानपुर की गुजैनी नहर में उनका शव मिला। पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। 5 नवंबर को मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।

10 लाख की सुपारी लेकर कालपी बार अध्यक्ष की हत्या! मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, नहर से मिला था शव
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

जालौन/कानपुर। उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता समाज को झकझोर देने वाले कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार हत्याकांड में जांच के दौरान एक के बाद एक अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। 70 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी और उनका शव कानपुर के गुजैनी क्षेत्र से गुजरने वाली नहर में बरामद हुआ था।

मामले में पुलिस की जांच के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद और सुपारी दिए जाने की आशंका सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी मोनू यादव उर्फ पवन को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि उसने हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी ली थी।

केस की फाइल देने के बहाने बुलाकर किया अपहरण
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गयादीन अहिरवार को 31 अक्टूबर को कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे पर एक केस की फाइल देने के बहाने बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद कार सवार लोगों ने कथित तौर पर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया।

जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन बंद मिला, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। उनके बेटे ने कालपी कोतवाली में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच शुरू की।

गुजैनी नहर में मिला शव
1 नवंबर को आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर कानपुर के गुजैनी इलाके की नहर से गयादीन अहिरवार का शव बरामद किया गया। कालपी और गुजैनी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चलती कार में गाड़ी के जैक से हमला कर उनकी हत्या की और शव नहर में फेंक दिया। हत्या में इस्तेमाल जैक भी बरामद किए जाने की रिपोर्ट है।

10 लाख रुपये की सुपारी, जमीन विवाद बना हत्या की वजह
5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की जांच में हत्या के पीछे 32 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। पुलिस का दावा है कि कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव का गयादीन अहिरवार से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मुकदमेबाजी से परेशान होकर उसने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंद्रजीत की मुलाकात मोनू यादव के पिता अजय यादव से हुई थी। अजय ने कथित तौर पर अपने बेटे मोनू से इंद्रजीत की मुलाकात कराई और हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी तय हुई। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को साजिश के रूप में जांच रही है।

मुख्य आरोपी मोनू यादव मुठभेड़ में गिरफ्तार
लाइव हिन्दुस्तान की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपी मोनू यादव उर्फ पवन यादव को मंगलवार देर रात पुलिस ने जोल्हूपुर-मदारीपुर गेट के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक:
- मोनू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
- मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी।
- उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- वह कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र के तरुण विहार का निवासी बताया गया है।
- पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ कानपुर में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

अब भी कुछ सवालों के जवाब बाकी
पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता इंद्रजीत यादव और कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। हालांकि, 5 नवंबर की रिपोर्ट में अजय यादव की तलाश जारी होने की बात कही गई है। अपहरण में इस्तेमाल कार के मालिक और उसकी भूमिका को लेकर भी कुछ सवाल बाकी बताए गए हैं।

इसलिए पूरे मामले की जांच अभी जारी है। सुपारी, जमीन विवाद और आरोपियों की भूमिका से जुड़े दावे पुलिस की जांच पर आधारित हैं; अदालत में दोष सिद्ध होना अभी बाकी है।