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क्या फर्जी भारतीय पहचान के सहारे विदेश जा रहा था नेपाल का क्रिप्टो केस से जुड़ा आरोपी? लखनऊ एयरपोर्ट पर दिनेश खड़का गिरफ्तार

इमिग्रेशन जांच में सामने आया कथित पासपोर्ट फर्जीवाड़ा; आरोपी का नाम नेपाल में 37.64 करोड़ नेपाली रुपये के क्रिप्टो और विदेशी मुद्रा लेनदेन की जांच में भी आया था।

क्या फर्जी भारतीय पहचान के सहारे विदेश जा रहा था नेपाल का क्रिप्टो केस से जुड़ा आरोपी? लखनऊ एयरपोर्ट पर दिनेश खड़का गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक नेपाली नागरिक को कथित तौर पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट के इस्तेमाल के मामले में पकड़ा है। आरोपी की पहचान दिनेश खड़का के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर दिलीप कुमार के नाम से यात्रा कर रहा था। मामला सामने आने के बाद सरोजनीनगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि दिनेश खड़का का नाम नेपाल में पहले से जांच के दायरे में रहे एक कथित क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी मुद्रा लेनदेन मामले में सामने आया था। उस मामले में करीब 37.64 करोड़ नेपाली रुपये के लेनदेन की जांच की गई थी। हालांकि, अभी उपलब्ध रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि लखनऊ एयरपोर्ट पर पासपोर्ट से जुड़ा मामला और नेपाल की वित्तीय जांच सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

इमिग्रेशन अधिकारियों को कैसे हुआ संदेह?

Times of India की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश खड़का नेपाल के कैलाली जिले की लम्कीचुहा नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 का निवासी है। रिपोर्ट में उसकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है।

इमिग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा दस्तावेजों की नियमित जांच के दौरान उसकी राष्ट्रीयता को लेकर संदेह हुआ। वह कथित तौर पर दिलीप कुमार नाम की पहचान और लखीमपुर खीरी के पते वाले भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था। विस्तृत पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अधिकारियों को उसकी वास्तविक पहचान के संबंध में जानकारी मिली।

तलाशी में कथित तौर पर नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र, पैन कार्ड की फोटोकॉपी और यात्रा से जुड़े अन्य दस्तावेज मिले। अधिकारियों का आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक राष्ट्रीयता छिपाकर भारतीय पासपोर्ट हासिल किया था। इन आरोपों की पुष्टि अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होनी है। 

दुबई से लौट रहा था या शारजाह जाने वाला था?

इस मामले में प्रकाशित रिपोर्टों में यात्रा की दिशा को लेकर अंतर है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बुधवार दोपहर दुबई से लौटकर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा था। वहीं, Times of India की रिपोर्ट में कहा गया है कि वह बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX-226 से शारजाह जाने की तैयारी में था, तभी इमिग्रेशन जांच के दौरान उसे रोका गया।

दोनों रिपोर्टों में इस अंतर का स्पष्ट समाधान नहीं मिलता। इसलिए यात्रा की दिशा को लेकर किसी एक विवरण को अंतिम रूप से पुष्ट तथ्य मानना उचित नहीं होगा। दोनों रिपोर्टें इस बात पर सहमत हैं कि मामला कथित भारतीय पासपोर्ट और पहचान संबंधी गड़बड़ी से जुड़ा है। 

नेपाल के 37.64 करोड़ नेपाली रुपये वाले मामले में क्या भूमिका बताई गई?

दिनेश खड़का का नाम नेपाल के राजस्व जांच विभाग की उस जांच में आया था, जिसमें कथित अवैध क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी मुद्रा लेनदेन की पड़ताल की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी 2022 में जांच के दौरान दिनेश और उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों के नाम सामने आए थे। इनमें उसके पिता नरबहादुर खड़का का नाम भी शामिल बताया गया।

इस मामले में लगभग 37.64 करोड़ नेपाली रुपये के लेनदेन की जांच की गई थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम का जांच में उल्लेख होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पूरी राशि धोखाधड़ी से हासिल की गई थी या आरोपी को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।

उपलब्ध खबरों में यह भी स्पष्ट नहीं है कि नेपाल में दर्ज या जांचे गए मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति क्या है। इसी तरह, लखनऊ में हुई गिरफ्तारी का उस वित्तीय जांच से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। 

लखनऊ में कौन-सी कानूनी कार्रवाई हुई?

इमिग्रेशन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह की शिकायत के बाद सरोजनीनगर पुलिस ने बुधवार शाम प्राथमिकी दर्ज की। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी के पासपोर्ट को जब्त किया गया और पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।

जांच के प्रमुख सवाल हैं कि कथित भारतीय पासपोर्ट कैसे बनवाया गया, इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और क्या इस प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि आरोपी को नेपाल के कथित क्रिप्टो मामले में दोषी साबित किया जा चुका है। लखनऊ में सामने आया पासपोर्ट संबंधी आरोप और नेपाल में हुई वित्तीय जांच अलग-अलग कानूनी पहलू हैं, जिनके बीच संबंध की पुष्टि होना अभी बाकी है। 

इस मामले का आगे क्या असर हो सकता है?

यह घटना अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जांच के महत्व को सामने लाती है। यदि जांच में यह साबित होता है कि पासपोर्ट गलत जानकारी या जाली दस्तावेजों के आधार पर हासिल किया गया था, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे कार्रवाई हो सकती है।

इसके साथ ही, नेपाल में चल रही कथित वित्तीय जांच के रिकॉर्ड और लखनऊ में दर्ज मामले के बीच किसी संबंध की पुष्टि करना भी महत्वपूर्ण होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मामलों की जांच आपस में औपचारिक रूप से जोड़ी गई है या नहीं।

फिलहाल सबसे अहम तथ्य यह है कि दिनेश खड़का को लखनऊ एयरपोर्ट पर कथित पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में पकड़ा गया है और उसका नाम नेपाल के एक बड़े क्रिप्टो व विदेशी मुद्रा लेनदेन की जांच में भी आया था। आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों मामलों के बीच कोई वास्तविक संबंध है या नहीं।