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लखनऊ में बड़े बुलडोजर एक्शन की तैयारी, कई शोरूम-कॉम्प्लेक्स पर LDA की नजर

अयोध्या रोड पर पार्किंग की जगह में चल रही दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई की तैयारी; नोटिस के बाद नहीं सुधरे हालात तो हटाए जा सकते हैं अवैध निर्माण

लखनऊ में बड़े बुलडोजर एक्शन की तैयारी, कई शोरूम-कॉम्प्लेक्स पर LDA की नजर
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और पार्किंग व्यवस्था को लेकर प्रशासन का रुख सख्त होता दिखाई दे रहा है। अयोध्या रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सड़क किनारे बने कई शोरूम, कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

मौजूदा योजना का फोकस सीधे तौर पर उन इमारतों पर है जहां नक्शे में पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान का इस्तेमाल दुकान, शोरूम या दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। LDA ऐसे स्थानों को चिह्नित कर संबंधित भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस देने की तैयारी में है।

अयोध्या रोड पर क्यों हो रही है कार्रवाई की तैयारी?

अयोध्या रोड लखनऊ के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां सड़क और हाईवे के किनारे वाहनों की पार्किंग के कारण यातायात प्रभावित होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

प्रशासन की कोशिश है कि सड़क पर वाहनों की पार्किंग कम हो और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के भीतर ही पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से LDA अब ऐसे भवनों की पहचान कर रहा है जहां पार्किंग के लिए छोड़ी गई जगह को दूसरे व्यावसायिक इस्तेमाल में लिया गया है।

पार्किंग की जगह पर बनी दुकानें होंगी निशाने पर

LDA की कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा उन निर्माणों से जुड़ा है जहां पार्किंग एरिया में दुकान, शोरूम या अन्य व्यावसायिक ढांचा खड़ा कर दिया गया है।

ऐसे मामलों में पहले संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जाएगा। यदि नियमों के अनुसार सुधार संभव हुआ तो कंपाउंडिंग जैसी प्रक्रिया के जरिए अनियमितता दूर करने का रास्ता भी हो सकता है। लेकिन जहां नियमों के तहत समाधान संभव नहीं होगा, वहां संबंधित निर्माण या कब्जे को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा तो टूट सकता है निर्माण

प्राधिकरण की कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहने वाली नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समय में पार्किंग की जगह खाली नहीं करने पर LDA खुद अतिक्रमण या अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई कर सकता है।

इसका मतलब यह है कि जिन प्रतिष्ठानों ने पार्किंग के लिए निर्धारित हिस्से को स्थायी रूप से दुकान या अन्य व्यावसायिक इस्तेमाल में बदल दिया है, उनके लिए आने वाले दिनों में मुश्किल बढ़ सकती है। हालांकि, किसी विशेष शोरूम या कॉम्प्लेक्स को अभी से कार्रवाई के अंतिम निशाने पर बताना उचित नहीं होगा, क्योंकि चिह्नीकरण और नोटिस की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

लखनऊ में सिर्फ अयोध्या रोड ही नहीं, कैसरबाग पर भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी

लखनऊ में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का एक और बड़ा मामला कैसरबाग सिविल कोर्ट और उसके आसपास के करीब 211 चैंबरों एवं अन्य निर्माणों से जुड़ा है।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन निर्माणों पर 25 अक्टूबर को कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे पहले पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के कारण अभियान आगे नहीं बढ़ पाया था। हाईकोर्ट में वकीलों की अपील खारिज होने और नगर निगम की आपत्तियां निरस्त होने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।

नगर निगम के अनुसार, संबंधित निर्माणों के पक्ष में जमीन और निर्माण से जुड़े जरूरी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। नोटिस और आपत्ति की प्रक्रिया के बाद भी मामले का समाधान नहीं होने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी की गई है।

पहले भी LDA ने शोरूम और व्यावसायिक इमारतों पर की है कार्रवाई

लखनऊ में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ LDA की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। सितंबर में अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग के विपरीत संचालित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया था। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी अभियान चलाया गया था।

एक अन्य मामले में अलीगंज के नौ अवैध कॉम्प्लेक्सों के ध्वस्तीकरण के आदेश की रिपोर्ट सामने आई थी। इन भवनों पर आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक निर्माण, पार्किंग और सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के आरोप थे।

ट्रैफिक जाम कम करना है बड़ी वजह

अयोध्या रोड पर प्रस्तावित कार्रवाई को सिर्फ अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसका एक बड़ा उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करना और सड़क पर होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग को कम करना है।

रिपोर्ट के मुताबिक पॉलीटेक्निक से कमता-चिनहट तक यातायात समस्या के कई कारण चिह्नित किए गए हैं। LDA समेत करीब 15 विभाग यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अलग-अलग स्तर पर योजनाओं पर काम कर रहे हैं। ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को भी जाम की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।

हाईवे की निगरानी भी होगी मजबूत

अयोध्या रोड से जुड़ी योजना में सिर्फ निर्माण हटाने की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि हाईवे की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की भी तैयारी है।

NHAI अधिकारियों के अनुसार अहमदपुर और रौनाई में कंट्रोल रूम बनाए जाने की योजना है। यहां से हाईवे पर लगे कैमरों की निगरानी की जाएगी। किसी आपात स्थिति या यातायात संबंधी समस्या का पता चलने पर पेट्रोलिंग टीम को सूचना देने की व्यवस्था होगी।

फिलहाल किन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई तय है?

इस समय यह कहना सही नहीं होगा कि अयोध्या रोड के सभी शोरूम या कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलेगा। LDA पहले ऐसे भवनों को चिह्नित करेगा जहां पार्किंग के निर्धारित स्थान का गलत इस्तेमाल हुआ है।

इसके बाद नोटिस और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए जिन प्रतिष्ठानों के नाम आधिकारिक तौर पर नोटिस या कार्रवाई सूची में सामने नहीं आए हैं, उनके बारे में किसी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

लखनऊ में आने वाले दिनों में बढ़ सकती है कार्रवाई

अयोध्या रोड की पार्किंग व्यवस्था और कैसरबाग के अवैध चैंबरों से जुड़े मामलों को देखें तो लखनऊ में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि LDA द्वारा चिह्नित किए जाने वाले भवनों को कब नोटिस जारी होते हैं और नोटिस के बाद कितने प्रतिष्ठान खुद पार्किंग की जगह खाली करते हैं। अगर निर्धारित अवधि में नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्राधिकरण द्वारा सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।