लखनऊ के वृंदावन योजना में रहने वाले डॉक्टर अभय गुप्ता को साइबर ठगों ने ₹3.52 करोड़ की ठगी की है। ठगों ने उन्हें शेयर और आईपीओ निवेश में मुनाफे का लालच दिया।
गुप्ता ने 10 अगस्त को एक कंपनी से संपर्क किया। शुरुआत में उन्होंने कम रकम निवेश की और मुनाफा निकालने में सफल रहे। इससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने ₹10 लाख और ₹25 लाख का निवेश किया।
कंपनी की ओर से एक महिला अनन्या कुलकर्णी को खाता प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया। शुरुआत में गुप्ता को ₹2 लाख तक निकालने की अनुमति थी। जब उन्होंने मुनाफा निकालना चाहा तो कंपनी ने 20 फीसदी सेवा शुल्क की मांग की।
खाता जमा, फिर बड़ी रकम की मांग
18 सितंबर को गुप्ता ने ₹4.98 करोड़ निकालने की अर्जी दी, लेकिन खाता जमा कर दिया गया। केवाईसी पूरी करने के बाद खाते में ₹26 करोड़ दिखाया गया।
ठगों ने गुप्ता से कहा कि खाता फिर से सक्रिय करने के लिए दिखाई गई रकम का 10 फीसदी यानी ₹2.60 करोड़ जमा कराना होगा। गुप्ता ने यह रकम जमा कर दी।
खाता सक्रिय होने के बाद गुप्ता को ₹50,000 निकालने की अनुमति मिली। फिर से निकालने की कोशिश करने पर खाता फिर से जमा कर दिया गया। ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर और भी रकम की मांग की।
गुप्ता ने शुक्रवार को साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस विभाग लेनदेन के विवरण, बैंक खातों और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।