लखनऊ में गोमती और सई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। फैजुल्लागंज समेत दर्जनों कॉलोनियों और गांवों में पानी भर जाने से लोग घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
प्रशासन के मुताबिक 40 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 10 हजार लोग पहले ही अपने घर छोड़ चुके हैं। राहत और बचाव के लिए प्रभावित इलाकों में करीब 40 नावें उतारी गई हैं।
फैजुल्लागंज में छठे दिन भी जलभराव
फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या लगातार छठे दिन भी बनी हुई है। गुरुवार को पानी कुछ कम हुआ था, लेकिन शनिवार को गोमती का जलस्तर फिर बढ़ गया और कई कॉलोनियों की गलियों में दोबारा पानी घुस आया।
मिल्लत नगर, जैनब मस्जिद इलाका, राम विहार कॉलोनी, मामा कॉलोनी, दाऊदनगर, चौबे की डेयरी और लौहरामऊ जैसी कॉलोनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां 500 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। कुछ इलाकों में पानी कंधे तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
लालित नगर, जैनब मस्जिद, राम विहार कॉलोनी, मामा कॉलोनी और पवन विहार जैसी कॉलोनियों में भी हालात खराब हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ का पानी हर दिन करीब 300 मीटर तक नए इलाकों में फैल रहा है। खाली हुए घरों से चोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लोगों की आपबीती
निवासी कौशल्या देवी ने बताया कि घर के चारों तरफ पानी भरने से