लखनऊ में गोमती नदी के उफान से आई भीषण बाढ़ से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक 40 किमी लंबा तटबंध बनाने की घोषणा की है। सोमवार को सीएम ने इस क्षेत्र का हवाई सर्वे भी किया।
बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री ने बकशी का तालाब क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और राहत सामग्री बाँटी। सीएम ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुबह उन्हें फोन किया था और बाढ़ को लेकर अपनी चिंता जताई थी।
बाढ़ का कारण और व्यापकता
पिछले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल के इलाकों में हुई तेज़ बारिश के कारण पाँच-छह दिन बाद गोमती का जलस्तर बढ़ा। इससे बकशी का तालाब, लखनऊ नॉर्थ, फैजुल्लागंज और नैमिष तक के इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई है।
सिंचाई विभाग को निर्देश
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती नदी के किनारे फैजुल्लागंज से नैमिष तक सर्वे करने का निर्देश दिया है। वह एक व्यापक योजना बनाएँगे जिससे आने वाले समय में बाढ़ का निर्माण कार्य आगे बढ़ सके। सीएम ने कहा कि गोमती नदी के किनारे तटबंध बनने से बाढ़ की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि 'डबल इंजन सरकार' उनके साथ है। उन्होंने कहा कि वह लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं।