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पुराने लखनऊ की बदलेगी तस्वीर, ₹5,801 करोड़ का मेट्रो कॉरिडोर अक्टूबर में शुरू

11 किलोमीटर की परियोजना में 12 स्टेशन होंगे और पुराने शहर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

लखनऊ मेट्रो के निर्माण स्थल पर सर्वेक्षण टीमें और मशीनरी।
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर अक्टूबर में नवरात्रि के दौरान शुरू होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) इस परियोजना का शिलान्यास करने की तैयारी कर रहा है।

परियोजना के विवरण

यह 11.165 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर 5,801 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। चारबाग से वसंत कुंज तक इस रूट पर 12 स्टेशन होंगे जो पुराने लखनऊ को जोड़ेंगे।

कॉरिडोर दो हिस्सों में बँटा है: 6.879 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक और 4.286 किलोमीटर ऊँचा रास्ता। भूमिगत खंड में सात स्टेशन होंगे—चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पंडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक। ऊँचे खंड में पाँच स्टेशन आएँगे—ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसा बाग और वसंत कुंज।

कनेक्टिविटी के लाभ

चारबाग नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट दोनों कॉरिडोर के लिए इंटरचेंज जंक्शन के रूप में काम करेगा। इससे अमीनाबाद, चौक, दुबग्गा और ठाकुरगंज जैसे पुराने शहर के इलाकों में बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

वित्त पोषण और समयसीमा

केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर इस परियोजना को चला रही हैं। परियोजना को 2025 में केंद्रीय अनुमति मिल चुकी है। यूपीएमआरसी ने पाँच वर्ष में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

मानसून के बाद निर्माण शुरू करने की योजना है ताकि बड़ी भूमिगत और ऊँचे कार्यों में रुकावट न आए।