वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य-पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 7 नवंबर 2026 को चेतावनी दी कि ईरान समर्थित हूती समूहों की ओर से सशस्त्र हमलों का खतरा बढ़ा है। साथ ही, क्षेत्र में अमेरिकी सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने की ईरान की कथित कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
अमेरिकी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के हालात पर नजर रखें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी अप्रत्याशित सुरक्षा घटनाक्रम के लिए तैयार रहें। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान, अमेरिका और क्षेत्र में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
हूती हमलों और अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की आशंका
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मध्य-पूर्व में ईरान समर्थित हूती समूहों की ओर से सशस्त्र हमलों का खतरा बढ़ा है। चेतावनी में ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है।
अमेरिका ने यह भी आगाह किया कि ईरान और उसके समर्थक समूह विदेशों में अमेरिकी हितों, अमेरिकी नागरिकों से जुड़े स्थानों, कारोबार और संस्थानों को निशाना बना सकते हैं। हालांकि, अलर्ट में किसी नए हमले का निश्चित समय, स्थान या विशिष्ट लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है।
किन देशों में जारी हुई चेतावनी?
7 नवंबर को जारी अलर्ट अलग-अलग अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक मिशनों के माध्यम से क्षेत्र के कई देशों में सामने आया। रिपोर्टों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, जॉर्डन, कतर, ओमान, लेबनान, बहरीन, यमन और ईरान का उल्लेख है। इसके अलावा इराक और यरुशलम के लिए भी सुरक्षा सूचनाएं जारी की गईं।
उड़ानें रद्द होने और हवाई क्षेत्र बंद होने का खतरा
अमेरिका ने अपने नागरिकों को संभावित यात्रा बाधाओं के लिए तैयार रहने को कहा है। चेतावनी में खास तौर पर तीन जोखिमों का उल्लेख है:
- उड़ानों पर असर: सुरक्षा हालात बिगड़ने पर विमान सेवाएं रद्द या स्थगित हो सकती हैं।
- हवाई क्षेत्र बंद होना: सैन्य तनाव बढ़ने पर कुछ देशों का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
- यात्रा में व्यवधान: हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय परिवहन सेवाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी मिशनों ने यात्रियों को एयरलाइन और हवाई अड्डों से सीधे उड़ानों की स्थिति जांचने की सलाह दी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी देशों में उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गई हैं।
अमेरिकी नागरिकों को क्या सावधानी बरतने को कहा गया?
अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय सुरक्षा अलर्ट पर नजर रखने, बड़े जमावड़ों और विरोध प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विदेश मंत्रालय के Smart Traveler Enrollment Program (STEP) में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी गई है, ताकि संबंधित अमेरिकी दूतावास से सुरक्षा संबंधी अपडेट मिल सकें।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंता
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब यमन में हूती समूह और सऊदी अरब के बीच टकराव तथा ईरान से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर अमेरिका चिंतित है। इससे पहले भी अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने ईरान की ओर से अमेरिकी कर्मियों और नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिशों में बढ़ोतरी की आशंका जताई थी।फिलहाल नया अलर्ट संभावित खतरे को लेकर एहतियाती चेतावनी है। इसे इस बात की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए कि मध्य-पूर्व के सभी सूचीबद्ध देशों में कोई हमला हो चुका है या तत्काल हमला निश्चित है।