अयोध्या में दीपोत्सव-2026 इस बार सिर्फ लाखों दीयों की रोशनी से ही नहीं, बल्कि आसमान में होने वाले आधुनिक तकनीक के अद्भुत प्रदर्शन से भी खास बनने जा रहा है। रामनगरी के आकाश में 2,100 स्वदेश निर्मित ड्रोन एक साथ उड़ान भरेंगे और रोशनी से रामायण की कथा के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगे।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे इस एरियल शो में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
15 मिनट तक आसमान में दिखेगी रामकथा
इस बार ड्रोन शो करीब 15 मिनट तक चलने की योजना है। इसमें कम से कम 15 अलग-अलग ड्रोन फॉर्मेशन तैयार किए गए हैं। इन आकृतियों के जरिए भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की वीर मुद्रा, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे प्रसंग दिखाए जाएंगे।
इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, राम मंदिर और दीपोत्सव से जुड़ी आकृतियां भी आकाश में उभरेंगी। प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने के लिए संगीत, संगीतमय कथावाचन, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों का इस्तेमाल किया जाएगा।
पिछले वर्षों से चार गुना से ज्यादा हुए ड्रोन
अयोध्या के दीपोत्सव में ड्रोन शो का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। पिछले आयोजनों की तुलना में इस बार ड्रोन की संख्या लगभग दोगुनी होगी।
वर्ष ड्रोन की संख्या
2024 500
2025 1,100
2026 2,100
इस बार पिछले साल के मुकाबले 1,000 अधिक ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है। साथ ही आधे से अधिक फॉर्मेशन पिछले वर्ष की प्रस्तुति से अलग रखे गए हैं।
7 और 8 नवंबर को होगा ड्रोन शो
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन की तारीख 7 नवंबर 2026 निर्धारित है। ड्रोन शो 7 और 8 नवंबर को आयोजित करने की तैयारी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य हर वर्ष दीपोत्सव को नई भव्यता देना और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव प्रदान करना है।
30 लाख से अधिक दीयों से जगमगाएंगे 56 घाट
इस बार दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण केवल ड्रोन शो नहीं होगा। सरयू नदी के किनारे राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है। आयोजन में करीब 35 हजार विद्यार्थी दीप सजाने की व्यवस्था में भाग लेंगे।
इसके साथ सरयू महाआरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग भी उत्सव का हिस्सा होंगे। यानी अयोध्या में धरती से लेकर आसमान तक रोशनी और रामायण की झलक देखने को मिलेगी।
तकनीक के साथ संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी
अयोध्या का दीपोत्सव अब धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का बड़ा मंच भी बनता जा रहा है। ड्रोन तकनीक के जरिए रामायण के प्रसंगों को दृश्य रूप में दिखाने का उद्देश्य नई पीढ़ी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
इस बार 2,100 स्वदेशी ड्रोन का इस्तेमाल इस आयोजन के तकनीकी विस्तार को भी दर्शाता है। हालांकि, वास्तविक शो का अनुभव मौसम और आयोजन संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।