उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1,250 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री से भरी एक पिकअप गाड़ी पकड़ी है। यह खेप मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश लाई जा रही थी। जांच के दौरान वाहन में मौजूद लोग विस्फोटक के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज और जरूरी अनुमति नहीं दिखा सके।
यह कार्रवाई 1 नवंबर 2026 को कबरई थाना क्षेत्र के धरौन गांव के पास की गई। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन में डायनामाइट सेल की 50 पेटियां रखी थीं। विस्फोटक सामग्री को महोबा की गंज पत्थर मंडी तक पहुंचाया जाना था, जहां इसका इस्तेमाल पहाड़ों में खनन और ब्लास्टिंग के काम में होना था।
संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान पकड़ी पिकअप
रिपोर्टों के अनुसार, एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय और सीओ सिटी रविकांत गौंड के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने कबरई क्षेत्र में जांच के दौरान पिकअप वाहन को रोका।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 50 गत्तों में रखे डायनामाइट सेल बरामद हुए। कुल वजन लगभग 1,250 किलोग्राम बताया गया। अधिकारियों ने विस्फोटक से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन चालक और उसके सहयोगी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
मध्य प्रदेश से लाई जा रही थी विस्फोटक की खेप
पुलिस के मुताबिक, वाहन चालक रामहेत पाल और उसके सहयोगी तुलसीदास से पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि विस्फोटक मध्य प्रदेश के बदौरा गांव से लाया जा रहा था और इसे महोबा की गंज पत्थर मंडी पहुंचाया जाना था।
पुलिस ने बताया कि खेप को भेजने वाले और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विस्फोटक सामग्री के साथ परिवहन के जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा है।
चार लोगों के खिलाफ मुकदमा, दो गिरफ्तार
2 नवंबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इनमें वाहन चालक रामहेत पाल, सहयोगी तुलसीदास, विस्फोटक उपलब्ध कराने के आरोपी राहुल चतुर्वेदी और पट्टा धारक विपुल अग्रवाल के नाम शामिल हैं। पुलिस ने चालक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की है।
सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखवाई गई सामग्री
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरी सामग्री को सुरक्षित मैगजीन में रखवाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आवश्यक अनुमति के बिना इतनी बड़ी खेप किसके निर्देश पर भेजी गई और परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खास बात: यह घटना कानपुर शहर में नहीं, बल्कि महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र में हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे कानपुर मंडल की खबर के रूप में पेश किया गया है।