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पीलीभीत में खनन अधिकारी की आईडी हैककर फर्जी ई-फार्म जारी

साइबर अपराधियों ने 86 फर्जी ई-फार्म और 1290 सिक्योरिटी पेपर बिना अनुमति जारी कर सरकारी खजाने को चपत लगाई

पीलीभीत में खनन अधिकारी की आईडी हैक होने और फर्जी ई-फार्म घोटाले का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

पीलीभीत में जिला खनन अधिकारी (डीएमओ) की सरकारी पोर्टल आईडी हैक कर ली गई। साइबर अपराधियों ने इस आईडी से 86 फर्जी ई-फार्म 'सी' जारी कर दिए।

अपराधियों ने 1290 सिक्योरिटी पेपर भी बिना किसी अनुमति के आवंटित कर दिए। इन कागजों के सहारे मिट्टी और खनिज के परिवहन की फर्जी एंट्री दर्ज की गई, जिससे सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान पहुंचा।

ओटीपी अपने-आप हो रहा था दर्ज

डीएमओ प्रांजुल सिंह ने बताया कि उनके मोबाइल पर आने वाला ओटीपी तकनीकी छेड़छाड़ के कारण लॉगिन स्क्रीन पर खुद-ब-खुद भर जाता था। इसी तरीके से अपराधियों ने बार-बार उनकी आईडी का दुरुपयोग किया।

यह पूरा धोखाधड़ी 23 सितंबर को विभागीय समीक्षा के दौरान पकड़ में आई। समीक्षा में अधिकारियों को पोर्टल पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

जांच में मिलीं संदिग्ध एंट्री

जांच के दौरान अभयपुर जगतपुर, अमरिया निवासी एमके सिंह के नाम से कई संदिग्ध एंट्री सामने आईं। इसमें लाइसेंस संख्या 498 दर्ज मिला, जिसकी अवधि 2 जनवरी 2020 से 5 मई 2027 तक बताई गई है।

रिकॉर्ड में 1290 सिक्योरिटी पेपर सिर्फ 3 रुपये प्रति पेपर की दर पर आवंटित दिखाए गए। जबकि इन पेपरों का वास्तविक मूल्य 4.19 रुपये प्रति पेपर है। इस अंतर से भी सरकार को चपत लगी।

इन फर्जी परिवहन पत्रों के जरिये अवैध खनन और परिवहन को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।