लखनऊ में आर्थिक अपराध विंग ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया है। उन्हें गोमती नगर इलाके से पकड़ा गया है।
योगेश कुमार 1980 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। उन पर 2014 में 1,198 पशुपालन प्रसार अधिकारियों की भर्ती में घोटाले का आरोप है।
भर्ती परीक्षा 2 फरवरी 2014 को हुई थी। इसमें 1,005 प्रत्याशियों का चयन किया गया था। 34 प्रत्याशियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में यह चुनौती दी कि चयन प्रक्रिया में खामियाँ थीं।
कब शुरू हुई जाँच
उच्च न्यायालय के आदेश पर 17 दिसंबर 2017 को विशेष जाँच दल बनाया गया। दल ने 2018 में अपनी रिपोर्ट सरकार को दी।
29 जुलाई 2021 को पुलिस ने 28 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। योगेश कुमार भर्ती के समय पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव थे।
आर्थिक अपराध विंग के महानिदेशक जेएन सिंह ने कहा, "सबूत मिलने के बाद योगेश कुमार को राजधानी के गोमती नगर से गिरफ्तार किया गया है।"
भर्ती उस समय हुई थी जब समाजवादी पार्टी की सरकार राज्य में थी। तब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। राजकिशोर सिंह उस दौरान पशुपालन मंत्री थे।