त्योहारों पर घर जाने वालों के लिए रेलवे की तैयारी
दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन बढ़ाया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 5 नवंबर को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इस साल त्योहारी सीजन में करीब 18,000 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
मंत्री के मुताबिक, पिछले साल दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान करीब 12,000 विशेष ट्रेनें संचालित की गई थीं। इस साल पिछले साल की सेवाओं के साथ नई विशेष ट्रेनें जोड़कर कुल संख्या लगभग 18 हजार तक पहुंचाई गई है। यानी पिछले साल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक विशेष ट्रेनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नई दिल्ली और उधना स्टेशन पर 20 हजार यात्रियों की क्षमता
रेल मंत्री ने बताया कि अधिक भीड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और गुजरात के उधना स्टेशन पर बड़े होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। इनमें प्रत्येक स्थान पर एक समय में करीब 20,000 यात्रियों को ठहराने की क्षमता है।
इन प्रतीक्षा क्षेत्रों में यात्रियों के लिए बेहतर शौचालय, हवा के आवागमन की व्यवस्था और टिकट काउंटर बनाए गए हैं। टिकट काउंटरों को होल्डिंग एरिया के भीतर रखने का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को टिकट लेने के लिए भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म या स्टेशन के दूसरे हिस्सों में जाने की जरूरत कम पड़े।
आनंद विहार टर्मिनल पर भी बढ़ाई गई सुविधाएं
रेलवे ने दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर भी यात्रियों के प्रबंधन और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। त्योहारों के समय दिल्ली, मुंबई, सूरत और अन्य बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
विशेष ट्रेनों का उद्देश्य इन व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना और नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करना है। हालांकि, विशेष ट्रेन चलने के बावजूद यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख, उपलब्ध सीट और आरक्षण की स्थिति पहले जांचने की जरूरत है।
1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास
रेल मंत्री ने देशभर में चल रहे रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उनके अनुसार, करीब 1,300 स्टेशनों के पुनर्विकास का काम चल रहा है, जिनमें से लगभग 400 स्टेशन तैयार किए जा चुके हैं।
इस योजना में यात्रियों की भविष्य की जरूरतों, स्टेशन की क्षमता, सुरक्षा और स्थानीय वास्तुकला को ध्यान में रखा जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य है कि बढ़ती यात्री संख्या के अनुरूप स्टेशन सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए और ट्रेनों का संचालन प्रभावित किए बिना विकास कार्य पूरे किए जाएं।
उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत की उम्मीद
त्योहारी सीजन में दिल्ली, मुंबई, सूरत और अन्य औद्योगिक शहरों से बड़ी संख्या में लोग अपने गृह राज्यों की ओर यात्रा करते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों की संख्या भी काफी रहती है। कई लोकप्रिय मार्गों पर कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है और वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है।
रेलवे की विशेष ट्रेनें इस अतिरिक्त मांग को पूरा करने में मदद कर सकती हैं। उत्तर रेलवे ने नवंबर के लिए कई रूटों पर अलग-अलग पूजा और त्योहार विशेष ट्रेनें भी अधिसूचित की हैं। यात्रियों को ट्रेन नंबर, तारीख और ठहराव की जानकारी आधिकारिक रेलवे वेबसाइट या NTES पर जांचनी चाहिए।