11 MLC सीटों के लिए आज से मतगणना
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू हो रही है। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में निर्धारित केंद्रों पर होगी।
मतगणना को लेकर चुनाव प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है। UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने रिटर्निंग अधिकारियों को मतगणना केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरा रखने के निर्देश दिए हैं।
CCTV से हर गतिविधि पर नजर
मतगणना केंद्रों पर 24 घंटे CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मतगणना केंद्रों पर अनधिकृत लोगों की एंट्री न हो। सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती मतगणना समाप्त होने तक जारी रहेगी।
वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर पहले से ही CCTV और वीडियोग्राफी की व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया जा चुका है। वहां मतगणना के लिए 28 टेबल—14 शिक्षक और 14 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए—लगाने की तैयारी की गई थी।
बिजली गुल हुई तो भी नहीं रुकेगी काउंटिंग
चुनाव आयोग के निर्देशों में निर्बाध बिजली आपूर्ति को भी खास महत्व दिया गया है। मतगणना केंद्रों पर बिजली बाधित होने की स्थिति में तत्काल व्यवस्था संभालने के लिए जनरेटर बैकअप रखने को कहा गया है।
CEO ने निर्देश दिया है कि बैकअप जनरेटर ऐसी जगह लगाए जाएं जहां उनसे अनावश्यक शोर या प्रदूषण मतगणना केंद्र की कार्यवाही में बाधा न डाले।
इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिजली से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या के कारण CCTV निगरानी, वीडियोग्राफी या मतगणना प्रक्रिया प्रभावित न हो।
सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी सख्त
मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतगणना पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई न हो।
इसके साथ ही मतगणना से जुड़े कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियां पहले से सौंपने, पर्याप्त स्टेशनरी उपलब्ध रखने और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंटों के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहचान पत्र और बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
MLC चुनाव की गिनती सामान्य चुनाव से अलग
इन विधान परिषद चुनावों में Single Transferable Vote (STV) के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था लागू होती है। इसलिए मतगणना सामान्य EVM आधारित चुनावों की तुलना में अधिक समय ले सकती है।
इसी वजह से चुनाव अधिकारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षित कर्मचारियों को रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबे समय तक चलने वाली मतगणना के दौरान स्टाफ की कमी न हो।
पारदर्शिता पर कोई समझौता नहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतगणना Election Commission के दिशा-निर्देशों और Conduct of Elections Rules के अनुसार ही कराई जाए।
किसी भी स्तर पर लापरवाही या निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी गई है। इसका उद्देश्य मतगणना के दौरान किसी भी विवाद या संदेह की गुंजाइश को कम करना है।
खास तौर पर CCTV और वीडियोग्राफी की व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मतगणना केंद्र पर होने वाली गतिविधियों का दृश्य रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
सात शहरों में होगी मतगणना
ताजा चुनावी कार्यक्रम के अनुसार 11 MLC सीटों की मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में होगी। सभी केंद्रों पर रिटर्निंग अधिकारियों की निगरानी में मतगणना कराई जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।
आज सामने आएगा चुनावी परिणाम
मतगणना शुरू होने के बाद अलग-अलग चरणों में वोटों की गिनती की जाएगी। STV प्रणाली के कारण अंतिम परिणाम आने में समय लग सकता है।
फिलहाल चुनाव प्रशासन की प्राथमिकता मतगणना प्रक्रिया को बिना किसी व्यवधान के पूरा कराना है। CCTV, वीडियोग्राफी, सुरक्षा और पावर बैकअप की व्यवस्था इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है।