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यूपी में मौसम का यू-टर्न! कई जिलों में बारिश और ओलों की चेतावनी, बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं बढ़ाएंगी मुश्किलें

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। किसानों, राहगीरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यूपी में मौसम का यू-टर्न! कई जिलों में बारिश और ओलों की चेतावनी, बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं बढ़ाएंगी मुश्किलें
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। कहीं तेज बारिश तो कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।

मौसम में इस बदलाव के पीछे चक्रवाती तूफान अर्नब के अवशेषों और पश्चिमी विक्षोभ के संभावित प्रभाव को जिम्मेदार बताया गया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

विशेष रूप से इन जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है:
- कुशीनगर
- महाराजगंज
- सिद्धार्थनगर
- बलरामपुर
- श्रावस्ती
- बहराइच
इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकर नगर में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम सामान्य रहने की संभावना नहीं है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। लखनऊ स्थित मौसम केंद्र की चेतावनी के अनुसार खराब मौसम के दौरान हवाओं की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

लखनऊ समेत इन इलाकों में भी बदलेगा मौसम
राजधानी लखनऊ के अलावा उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर और अमेठी में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। कुछ शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। प्रयागराज और गाजियाबाद में बारिश के बाद जलभराव की खबरें सामने आई हैं।

तापमान में 5 से 8 डिग्री तक गिरावट का अनुमान
बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।

इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक मौसम बदलने के कारण सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी परेशानियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

किसानों की बढ़ सकती है चिंता
अक्टूबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खेतों में तैयार धान की फसल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कृषि विभाग के निर्देशों के अनुसार कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम साफ होने तक खेतों में जरूरी सावधानी बरतें।

मौसम विभाग की लोगों को सलाह
बिजली और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
- खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करें।
- वाहन चलाते समय कम दृश्यता और जलभराव का ध्यान रखें।
- किसान मौसम की जानकारी लेकर ही खेतों में काम करें।
IMD के 30 अक्टूबर के उपमंडलीय बुलेटिन के अनुसार 31 अक्टूबर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए कोई मौसम चेतावनी सूचीबद्ध नहीं है। इसलिए यह अलर्ट मुख्य रूप से 30 अक्टूबर के मौसम के लिए है।