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यूपी में नए वोटरों की एंट्री का रास्ता साफ, नवंबर से युवाओं पर खास फोकस

2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण; 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा कर सकेंगे आवेदन

यूपी में नए वोटरों की एंट्री का रास्ता साफ, नवंबर से युवाओं पर खास फोकस
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

युवाओं के लिए नवंबर में खुलेगा बड़ा मौका

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत राज्य में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसमें पहली बार वोट देने वाले युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।

सबसे अहम बात यह है कि 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसका मतलब है कि जो युवा अभी 18 साल के नहीं हुए हैं, लेकिन निर्धारित अर्हता तिथि तक 18 वर्ष के हो जाएंगे, उन्हें भी आगामी चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।

12 नवंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

निर्वाचन विभाग के तय कार्यक्रम के मुताबिक 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने का मौका मिलेगा।

12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक नागरिक मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। इसी अवधि में नए पात्र मतदाता अपना नाम जुड़वाने, गलतियों को ठीक कराने या जरूरत के अनुसार अन्य बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

पहली बार वोट देने वाले युवाओं पर विशेष नजर

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फर्स्ट-टाइम वोटर्स हैं। चुनावी प्रक्रिया में पहली बार शामिल होने जा रहे युवाओं को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर जागरूकता और पंजीकरण गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे। खास तौर पर युवाओं और महिलाओं की मतदाता सूची में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

इसके लिए निर्वाचन विभाग शिक्षण संस्थानों, स्वीप गतिविधियों और स्थानीय जनसंपर्क अभियानों के जरिए युवाओं तक पहुंचने की कोशिश करेगा।

पहले छूटे नाम भी जुड़ सकेंगे

यह अभियान केवल नए 18 साल के मतदाताओं तक सीमित नहीं है। जो पात्र नागरिक पहले किसी वजह से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के बाद छूटे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए भी विशेष अभियान की तैयारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार BLO यानी बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं का सत्यापन कर सकते हैं और पात्र लोगों को आवश्यक आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करेंगे।

इसमें ऐसे लोग भी शामिल किए जा रहे हैं जो पहले से पात्र हैं लेकिन किसी कारण से उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ।

फॉर्म-6 से होगा नए नाम का आवेदन

नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए Form-6 महत्वपूर्ण आवेदन है। पात्र युवा इस प्रक्रिया के तहत अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

वहीं, मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार की जरूरत होने पर संबंधित संशोधन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।

निर्वाचन विभाग की कोशिश है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र और अन्य जरूरी विवरणों की गलतियां दूर की जाएं, ताकि मतदान के समय पात्र मतदाताओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

2027 चुनाव के लिहाज से क्यों अहम है यह अभियान?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चुनावी तैयारियों का बेहद अहम हिस्सा है।

नई मतदाता सूची में शामिल होने वाले पहली बार वोट देने वाले युवा आने वाले विधानसभा चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। यही वजह है कि निर्वाचन विभाग इस वर्ग तक पहुंच बनाने और उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने पर जोर दे रहा है।

इसके अलावा महिलाओं और अन्य ऐसे पात्र नागरिकों को भी सूची में शामिल करने पर ध्यान दिया जा रहा है जिनका नाम पिछली प्रक्रिया में छूट गया था।

आगे की पूरी टाइमलाइन समझिए

मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया को आसान तरीके से ऐसे समझा जा सकता है:

2 नवंबर 2026: संबंधित तैयारियों/बूथ पुनर्व्यवस्थीकरण की प्रक्रिया की निर्धारित समयसीमा।

12 नवंबर 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन।

12 नवंबर–11 दिसंबर 2026: नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े दावे-आपत्तियां।

28 दिसंबर 2026 तक: दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया।

4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

यानी नवंबर से शुरू होने वाली प्रक्रिया युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों के लिए 2027 के चुनाव से पहले मतदाता सूची में अपनी जगह सुनिश्चित करने का अहम अवसर होगी।

अग्रिम आवेदन की सुविधा भी

निर्वाचन विभाग के मुताबिक, केवल 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं तक ही यह सुविधा सीमित नहीं है। 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन कर सकेंगे। ऐसे आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि वाली तिमाही में किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि पात्रता हासिल करने वाले युवाओं को हर बार अलग से लंबी प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े और मतदाता सूची में नए मतदाताओं को समय पर शामिल किया जा सके।

युवाओं से अपील—नाम जरूर जांचें

निर्वाचन विभाग की इस पूरी कवायद का उद्देश्य सिर्फ नए नाम जोड़ना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाना भी है।

इसलिए जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष होने वाली है, उन्हें अपनी पात्रता और आवेदन की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। वहीं जिन लोगों का नाम पहले से मतदाता सूची में है, उन्हें ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम और विवरण भी जांच लेना चाहिए।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतिम मतदाता सूची में दर्ज नाम ही मतदान की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आधार बनेगा।