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यूपी में सड़कों की मरम्मत का 60% से ज्यादा काम पूरा, लेकिन किन विभागों की रफ्तार अब भी धीमी?

प्रदेश में 92,677 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने और नवीनीकरण का लक्ष्य; 24 अक्टूबर तक 56,906 किलोमीटर पर काम पूरा। कुछ विभागों को तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश।

यूपी में सड़कों की मरम्मत का 60% से ज्यादा काम पूरा, लेकिन किन विभागों की रफ्तार अब भी धीमी?
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

उत्तर प्रदेश में खराब सड़कों, गड्ढों और मरम्मत से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए चल रहे राज्यव्यापी अभियान की प्रगति सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 24 अक्टूबर तक प्रदेश में सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण के निर्धारित लक्ष्य का 61.4 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। हालांकि, अभी बड़ी मात्रा में काम बाकी है और शासन ने संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 

यह समीक्षा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सड़कों की स्थिति सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के सफर, ग्रामीण संपर्क, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करती है। अभियान की सफलता अब केवल काम की गति से नहीं, बल्कि मरम्मत की गुणवत्ता और इस बात से भी तय होगी कि सड़कों पर गड्ढे दोबारा कितनी जल्दी उभरते हैं।

92,677 किलोमीटर सड़कों का लक्ष्य, अब तक कितना काम?

समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में विभिन्न विभागों के अंतर्गत 92,677.10 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और उनके नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

विवरण

आंकड़ा

कुल निर्धारित लक्ष्य

92,677.10 किमी

24 अक्टूबर तक पूरा काम

56,906.43 किमी

लक्ष्य के मुकाबले प्रगति

61.4%

शेष काम

लगभग 35,770.67 किमी

ये आंकड़े बताते हैं कि अभियान का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है, लेकिन शेष हिस्से को तय समय में पूरा करने के लिए विभागों को लगातार काम करना होगा।

PWD ने अपने लक्ष्य का 60.71% काम पूरा किया

प्रदेश में सड़क निर्माण और रखरखाव की प्रमुख जिम्मेदारी निभाने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 60.71 प्रतिशत काम पूरा किया है।

विभाग के लिए 77,314.63 किलोमीटर सड़कों का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें से 50,885.59 किलोमीटर पर काम पूरा होने की जानकारी दी गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को शेष काम में तेजी लाने और निर्धारित मानकों के अनुसार मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

किन विभागों की प्रगति बेहतर रही?

समीक्षा में कुछ विभागों और एजेंसियों की प्रगति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:

NHAI, पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 96.94%

NHAI, पूर्वी उत्तर प्रदेश: 97.10%

PIU, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH): 85.01%

नगर विकास विभाग: 75.64%

इन एजेंसियों को काम की रफ्तार बनाए रखने के साथ गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए। 

कुछ विभागों की धीमी रफ्तार बनी चुनौती

जहां कुछ एजेंसियों ने लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा किया, वहीं कई विभागों की प्रगति काफी कम रही। रिपोर्ट में निम्न आंकड़े सामने आए:

विभाग

दर्ज प्रगति

पंचायती राज विभाग

6.10%

मंडी परिषद

21.40%

सिंचाई विभाग

25.34%

इन विभागों को काम में तेजी लाने, जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन बढ़ाने और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए गए। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे प्रदेश की प्रगति का औसत एक जैसा नहीं है और विभागवार काम की रफ्तार में बड़ा अंतर है। 

अधिकारियों को गुणवत्ता और निरीक्षण पर सख्त निर्देश

27 अक्टूबर को हुई समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने संबंधित विभागों को लक्ष्य समयसीमा में पूरा करने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क मरम्मत और नवीनीकरण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल न हो और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

निर्देशों के अनुसार, क्षेत्रीय और जिला स्तर के अधिकारियों को सड़कों का नियमित भौतिक निरीक्षण करना होगा और दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। घटिया सामग्री के इस्तेमाल या काम में लापरवाही की स्थिति में संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। 

क्या गड्ढों से लोगों को जल्द राहत मिलेगी?

लक्ष्य का 61.4 प्रतिशत पूरा होना प्रगति का संकेत है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि प्रदेश की सभी प्रमुख या ग्रामीण सड़कें गड्ढामुक्त हो चुकी हैं। वास्तविक स्थिति जिले, सड़क के प्रकार और संबंधित विभाग के काम पर निर्भर करती है।

लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि मरम्मत केवल अस्थायी पैचवर्क तक सीमित न रहे। बारिश, भारी वाहनों और खराब जलनिकासी के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इसलिए मजबूत सतह, उचित जलनिकासी और नियमित निरीक्षण भी जरूरी हैं।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में सड़क मरम्मत और नवीनीकरण अभियान का 61.4 प्रतिशत काम पूरा होने की रिपोर्ट है, जबकि PWD की प्रगति 60.71 प्रतिशत दर्ज की गई। अब चुनौती शेष काम को समय पर पूरा करने, धीमी प्रगति वाले विभागों की रफ्तार बढ़ाने और मरम्मत की गुणवत्ता बनाए रखने की है। आम लोगों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब सड़कों की स्थिति में टिकाऊ सुधार दिखाई देगा।