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बरेली में समूह कारोबार का झांसा देकर सात लोगों से 22.80 लाख की ठगी का आरोप

किला थाना क्षेत्र में समूह संचालन और मोटर कारोबार के नाम पर रकम लेने का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उन्हें धमकाया गया।

बरेली में समूह कारोबार का झांसा देकर सात लोगों से 22.80 लाख की ठगी का आरोप

कारोबार और समूह के नाम पर रकम लेने का आरोप
उत्तर प्रदेश के बरेली में समूह कारोबार के नाम पर सात लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामला किला थाना क्षेत्र का है, जहां सात पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कारोबार बढ़ाने और समूह संचालन के नाम पर उनसे अलग-अलग समय पर रकम उधार ली, लेकिन बाद में पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।

5 नवंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में मोहम्मद कासिफ सहित सात लोग शामिल हैं। सभी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

किससे कितनी रकम लेने का आरोप?
शिकायत में रकम का विवरण इस प्रकार सामने आया है:
पीड़ित का नाम कथित रकम
सलमान खान ₹6 लाख
जावेद हुसैन ₹5 लाख
नईम अहमद ₹3 लाख
मोहम्मद कासिफ ₹4 लाख
जीशान ₹3.30 लाख
रईस मियां ₹1.50 लाख
कुल ₹22.80 लाख

रिपोर्ट के अनुसार, उमेश ओबराय से भी अली रजा ने दो लाख रुपये उधार मांगे थे। हालांकि, प्रकाशित खबर में इस रकम को ऊपर बताए गए 22.80 लाख रुपये के कुल में शामिल नहीं किया गया है।

छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें अली रजा, अमन, निहाल, गुलाम रजा, मोहम्मद रजा और उवैश शामिल हैं। पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकाया गया।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच में यह पता लगाया जाना है कि रकम किस उद्देश्य से ली गई थी, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन की क्या भूमिका रही।

पुलिस जांच में अब किन बातों पर नजर?
इस मामले में जांच के दौरान पुलिस के सामने कुछ अहम सवाल होंगे:
- क्या रकम वास्तव में समूह कारोबार या मोटर व्यवसाय में लगाने के नाम पर ली गई थी?
- क्या आरोपियों ने सभी पीड़ितों से एक ही तरीके से पैसे लिए?
- रकम नकद दी गई थी या बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर हुई?
- क्या इस मामले में अन्य लोग भी प्रभावित हुए हैं?
- शिकायत में लगाए गए धमकी देने के आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में आरोपियों की गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी की पुष्टि नहीं है। इसलिए मामले को दर्ज शिकायत और पुलिस जांच के स्तर पर ही समझना चाहिए।