त्योहारों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
उत्तर प्रदेश में धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए ऊर्जा विभाग ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने शहरों से लेकर गांवों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है।
4 नवंबर को शक्तिभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों, मुख्य अभियंताओं और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान अनावश्यक बिजली कटौती न हो। स्थानीय स्तर पर कोई खराबी आने पर उसे कम से कम समय में ठीक कराकर आपूर्ति बहाल की जाए।
मरम्मत टीमें रहेंगी तैयार, अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहेंगे
निर्देशों के मुताबिक, बिजली व्यवस्था में अचानक खराबी आने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में मरम्मत गैंग तैयार रखे जाएंगे। वितरण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहने को कहा गया है।
इसके अलावा ट्रॉली ट्रांसफार्मरों की पहले से जांच करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल इस्तेमाल के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ट्रांसफार्मर खराब होने पर लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या कम करने का प्रयास किया जाएगा।
ट्रांसफार्मर, फीडर और ढीले तारों की होगी जांच
ऊर्जा विभाग ने अवर अभियंता से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को फील्ड में पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान विशेष रूप से इन व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी:
- ट्रांसफार्मर और फीडर पर बढ़ते लोड की निगरानी।
- ढीले और झूलते बिजली तारों को ठीक करना।
- झुके हुए बिजली के खंभों की मरम्मत।
- घरों की छतों के पास से गुजर रहे तारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप करना।
- मेलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों वाले स्थानों पर बिजली सुरक्षा की विशेष जांच।
इन उपायों का उद्देश्य बिजली आपूर्ति बनाए रखने के साथ-साथ त्योहारों के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका कम करना भी है।
कंट्रोल रूम और 1912 हेल्पलाइन की निगरानी
बिजली विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए डिस्कॉम मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 1912 हेल्पलाइन की निगरानी भी की जा रही है।
इस व्यवस्था के जरिए बिजली गुल होने, ट्रांसफार्मर खराब होने और स्थानीय तकनीकी समस्याओं की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी।
ऊर्जा मंत्री ने भी पहले दिए थे 24 घंटे बिजली के निर्देश
इससे पहले 29 अक्टूबर 2026 को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने दीपावली और छठ सहित त्योहारों के दौरान 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अनावश्यक शटडाउन और बार-बार होने वाली कटौती रोकने को कहा था।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया था कि त्योहारों के दौरान बकाया बिलों की वसूली के नाम पर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं। जहां ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की जरूरत हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
इन निर्देशों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान घरों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में बिजली व्यवस्था सुचारु रखना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति बाधित होने पर मरम्मत टीमों को जल्द मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, 24 घंटे बिजली देने का निर्देश अपने-आप में यह गारंटी नहीं है कि किसी भी परिस्थिति में बिजली नहीं कटेगी। तकनीकी खराबी, आपातकालीन मरम्मत या सुरक्षा संबंधी कारणों से अस्थायी व्यवधान हो सकता है। विभाग का जोर ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने पर है।