राजस्व विभाग के 285 कर्मचारियों को मिला प्रमोशन
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली से पहले राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। प्रदेश के कुल 285 कर्मचारियों को राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) के पद पर पदोन्नत किया गया है।
इसमें 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन शामिल हैं। पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को अब अपने नए पद के अनुरूप जिम्मेदारियां निभानी होंगी। लंबे समय से विभागीय पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पात्र कर्मचारियों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
राजस्व परिषद के चेयरमैन ने दी जानकारी
राजस्व परिषद के चेयरमैन बीएल मीणा ने पदोन्नति की जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय कर्मचारियों को उनकी निर्धारित पात्रता के आधार पर उच्च पद की जिम्मेदारी दी गई है।
परिषद की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग का मानना है कि योग्य कर्मचारियों को समय पर आगे बढ़ने का अवसर मिलने से उनका मनोबल मजबूत होगा और प्रशासनिक व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
लेखपाल का काम क्या होता है?
लेखपाल राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कर्मचारी होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और खेती से जुड़े सरकारी अभिलेखों के रखरखाव में उसकी अहम भूमिका होती है।
लेखपाल के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
- गांव की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का रखरखाव।
- खसरा और खतौनी से संबंधित जानकारी।
- भूमि के स्वामित्व और अभिलेखों में बदलाव से जुड़े कार्य।
- फसल और कृषि संबंधी जानकारी जुटाना।
- राजस्व एवं प्रशासनिक मामलों में रिपोर्ट तैयार करना।
अब पदोन्नति के बाद 206 लेखपाल राजस्व निरीक्षक के पद पर काम करेंगे।
संग्रह अमीन की जिम्मेदारी क्या होती है?
संग्रह अमीन का मुख्य काम सरकारी बकाया और राजस्व की वसूली से संबंधित होता है। किसी व्यक्ति या संस्था पर सरकारी धन बकाया होने पर नियमानुसार उसकी वसूली की प्रक्रिया में संग्रह अमीन की भूमिका रहती है।
इस पद पर कार्यरत कर्मचारियों को अब पदोन्नति के बाद राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह 79 संग्रह अमीन भी नए पद पर सेवाएं देंगे।
राजस्व प्रशासन को कैसे मिलेगा फायदा?
राजस्व निरीक्षक बनने के बाद इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र में बदलाव होगा। विभागीय कामकाज की निगरानी, राजस्व संबंधी मामलों के संचालन और अधीनस्थ कर्मचारियों के काम में समन्वय जैसी जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका हो सकती है।
राजस्व परिषद का मानना है कि अनुभवी कर्मचारियों को उच्च पद पर जिम्मेदारी देने से उनके अनुभव का बेहतर उपयोग होगा। इससे विभागीय कार्यों की गति और प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पदोन्नति से आम लोगों की भूमि संबंधी शिकायतों का निस्तारण कितनी तेजी से होगा, इसका आकलन आगे के कामकाज से ही हो सकेगा।