जगतपुर गांव में हुई दिल दहला देने वाली घटना
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह एक महिला की घर में आग लगने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि उसके पति ने पहले उसे कुर्सी से बांधा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
मृतका की पहचान 30 वर्षीय सोनम के रूप में हुई है। घटना जगतपुर गांव, सिकंदरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र की बताई गई है। आग और धुएं की सूचना पर ग्रामीणों ने पुलिस तथा दमकल विभाग को बुलाया। दमकलकर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घर के भीतर महिला के जले हुए अवशेष मिले।
शक और घरेलू विवाद के बाद वारदात का आरोप
पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, आरोपी पति सुखबीर सिंह उर्फ मोनू को संदेह था कि उसकी पत्नी का गांव के ही एक युवक से संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था।
पुलिस का आरोप है कि गुरुवार सुबह करीब सात बजे विवाद बढ़ने पर सुखबीर ने सोनम को कुर्सी से बांधा, उस पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में पेट्रोल की गंध और जली हुई बोतल का उल्लेख भी मीडिया रिपोर्टों में किया गया है। इन तथ्यों की जांच पुलिस और फोरेंसिक टीम कर रही है।
11 साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
पुलिस के अनुसार, सुखबीर और सोनम ने करीब 11 साल पहले प्रेम विवाह किया था। दंपति के दो बच्चे हैं—एक सात वर्षीय बेटा और पांच वर्षीय बेटी।
रिपोर्टों के मुताबिक, सुखबीर हरियाणा के हिसार में काम करता था और घटना से कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था। घर लौटने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि घटना से पहले परिवार में क्या परिस्थितियां थीं और विवाद किस तरह बढ़ा।
आरोपी बच्चों को लेकर निकला, पुलिस ने किया गिरफ्तार
घटना के बाद आरोपी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकल गया। शुरुआती खबरों में उसके फरार होने की जानकारी आई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। मृतका के शव के अवशेष पोस्टमार्टम और आवश्यक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस जांच में किन पहलुओं पर ध्यान?
पुलिस इस मामले में घरेलू विवाद, कथित शक, घटना से पहले हुई बातचीत और वारदात के समय की परिस्थितियों की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों में घटना से पहले पुलिस चौकी पर पंचायत या समझौते की बात भी सामने आई है, लेकिन इस घटनाक्रम की पूरी आधिकारिक पुष्टि और उसका घटना से संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Amrit Vichar+1
यह मामला घरेलू हिंसा की गंभीरता और संदेह के नाम पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा पर फिर सवाल खड़े करता है। किसी भी विवाद या शक का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद मामले में दोष का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।