उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में बंद पड़े एक कैफे में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग शनिवार सुबह एक तीन मंजिला अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कैफे में लगी। कैफे से तेजी से धुआं निकलता देख अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में नीचे की ओर भागे।
यह घटना मेहंदीघाट चौराहे के पास स्थित अपार्टमेंट की है। कैफे उस समय बंद था। सूचना मिलने पर ठाकुरगंज पुलिस और चौक फायर स्टेशन की दमकल टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कैफे का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
सुबह साढ़े आठ बजे दिखाई दिया धुआं
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कैफे के अंदर से धुआं निकलता दिखाई दिया। उस समय कैफे बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
कुछ ही देर में धुआं तेजी से फैलने लगा। आग की लपटें तेज होने के साथ अपार्टमेंट के निवासियों को खतरे का एहसास हुआ। इमारत में रहने वाले कई लोग घबराकर अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को घटना की सूचना दी।
शटर तोड़कर कैफे में दाखिल हुए दमकलकर्मी
सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन से दमकल की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। कैफे का शटर बंद होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई।
इसके बाद टीम ने शटर तोड़कर कैफे के अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
दमकलकर्मियों ने आग को अपार्टमेंट के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए भी प्रयास किया।
कैफे में रखा फर्नीचर और खाने-पीने का सामान जलकर राख
आग की चपेट में आने से कैफे के अंदर रखा फर्नीचर और खाने-पीने का सामान जल गया। कैफे संचालक को संपत्ति का काफी नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, कैफे गौघाट निवासी लकी निषाद का बताया गया है। आग से हुए कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह चौहान के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है।
हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और दमकल विभाग घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं।
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर आवासीय अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अपार्टमेंट में कैफे, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने पर आग बुझाने के उपकरण, सुरक्षित निकास और बिजली की वायरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है।
हालांकि, इस मामले में कैफे के अग्नि सुरक्षा इंतजामों में किसी विशेष कमी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस और दमकल विभाग की जांच में आग लगने के कारणों और कैफे में मौजूद सुरक्षा इंतजामों की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जाएगा।
राहत की बात यह रही कि उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में इस घटना में किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं दी गई है।