लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच जारी है। तीन लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 30 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने राजेश और दिव्या पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उनकी तलाश के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस सर्विलांस और मुखबिरों की भी मदद ले रही है।
26 अक्टूबर को पार्किंग विवाद ने लिया खूनी रूप
यह घटना 26 अक्टूबर 2026 की सुबह सआदतगंज के नौबस्ता इलाके के ब्राह्मणी टोला में हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, पड़ोसियों के बीच खाली जमीन के पास कार खड़ी करने और बरगद के पेड़ के आसपास चबूतरा बनाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था।
इसी विवाद के दौरान मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला पर गोली चलाने का आरोप है। गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के अलावा पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
ऋषभ शुक्ला — मुख्य आरोपी
सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू
गिरीश कुमार शुक्ला
दिनेश शुक्ला
प्रिया शुक्ला
अदिति शुक्ला
वहीं, राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस दोनों की संभावित लोकेशन पता करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है।
राजेश और दिव्या पर 25-25 हजार रुपये का इनाम
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया है। राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला, दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। इस तरह दोनों की गिरफ्तारी के लिए घोषित कुल इनाम की राशि 50 हजार रुपये है।
डीसीपी पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ सर्विलांस और मुखबिरों की सहायता ली जा रही है। आरोपियों और पीड़ित परिवार के घर आसपास होने के कारण इलाके में पुलिस बल भी तैनात है।
दिव्या पर कारतूस उपलब्ध कराने का आरोप, राजेश की भूमिका की जांच
जांच में दोनों फरार आरोपियों की कथित भूमिका भी महत्वपूर्ण है। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, दिव्या पर आरोप है कि उसने विवाद के दौरान घर से कारतूस उपलब्ध कराए थे। वहीं, राजेश शुक्ला की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राजेश को पहले जिले से जिला बदर किया जा चुका था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मुख्य आरोपी ऋषभ से पूछताछ के लिए रिमांड की तैयारी
पुलिस मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। जांच अधिकारी वारदात से पहले हुए विवाद, गोलीबारी के क्रम, हथियार और कारतूस की उपलब्धता तथा अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़ी कड़ियां स्पष्ट करना चाहते हैं।
पुलिस ने पहले ही कथित वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे। हथियार की फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद पिस्टल से ही गोलियां चलाई गई थीं या नहीं।
परिवारों के घरों के आसपास पुलिस तैनात
हत्याकांड के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाई है। मृतकों और आरोपियों के घर आसपास होने के कारण घटनास्थल और संबंधित घरों के पास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
पीड़ित परिवार ने घटना के बाद न्याय और सुरक्षा की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने परिवार से मुलाकात कर सुरक्षा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और बेटी की शिक्षा से जुड़ी सहायता का आश्वासन दिया था।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
जांच में अब दो प्रमुख सवाल हैं—राजेश और दिव्या को जल्द गिरफ्तार करना और वारदात में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका स्पष्ट करना। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार और कारतूस कहां से आए तथा गोलीबारी के दौरान किसने क्या भूमिका निभाई।
फिलहाल छह आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला फरार हैं। दोनों पर कुल 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आगे की जांच और गिरफ्तारियों से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।