1.77 लाख से घटकर 1.73 लाख हुए मतदान केंद्र
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया के बाद प्रदेश में कुल 3,786 मतदान केंद्र कम हो गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, पुनर्गठन से पहले प्रदेश में कुल 1,77,516 मतदान केंद्र थे। अब इनकी संख्या घटकर 1,73,730 रह गई है।
यह बदलाव प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों और 75 जिलों में किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 4 नवंबर 2026 को जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को मंजूरी दी।
1,200 मतदाताओं के मानक पर हुआ पुनर्गठन
बूथों का पुनर्गठन निर्धारित मानक के आधार पर किया गया है। इसके तहत एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं का मानक रखा गया है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का बेहतर वितरण करना और मतदान व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना है। जिलों से मिले प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारत निर्वाचन आयोग के पास भेजा गया था। आयोग की मंजूरी के बाद नई संख्या लागू की गई है।
किन मतदाताओं का बदल सकता है बूथ?
पुनर्गठन के बाद कुछ मतदाताओं के पुराने मतदान केंद्र बदल सकते हैं। ऐसे मतदाताओं को उनके नए मतदान केंद्र की जानकारी संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से लिखित रूप में दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए स्वीकृत मतदान केंद्रों पर BLO की तैनाती सुनिश्चित की जाए। BLO सुपरवाइजर नियमित निगरानी करेंगे, जबकि निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी भी व्यवस्था का सत्यापन करेंगे।
एक परिवार के सदस्यों का बूथ एक ही रखने पर जोर
निर्वाचन अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों।
यदि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए जाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-8 के माध्यम से आवश्यक सुधार कराया जा सकेगा।
राजनीतिक दलों को भी मिलेगी नए बूथों की सूची
निर्वाचन विभाग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आयोग से स्वीकृत मतदान केंद्रों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा प्रभावित इलाकों में व्यापक प्रचार किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को मतदान से पहले ही अपने नए या बदले हुए केंद्र की जानकारी मिल सके और चुनाव के दिन उन्हें परेशानी न हो।
नई मतदाता सूची का ड्राफ्ट भी नए बूथों पर होगा जारी
उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची तैयार की जा रही है। इसकी पात्रता की तारीख 1 जनवरी 2027 निर्धारित है।
अब इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट आयोग से मंजूर किए गए 1,73,730 मतदान केंद्रों पर ही प्रकाशित किया जाएगा। यानी बूथों का यह पुनर्गठन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।