समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आती है तो गैंगस्टर विकास दुबे की मौत से जुड़ी घटना की जांच रिमोट सेंसिंग विभाग से करवाएंगे। यादव ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।
दुबे को 10 जुलाई 2020 को उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। पुलिस का दावा है कि इसके बाद भागने की कोशिश में दुबे से हुई मुठभेड़ में वह मारा गया था। यादव ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाड़ी पलटी नहीं, बल्कि यह सरकार को गिरने से बचाने की कोशिश थी।
रिमोट सेंसिंग विभाग को दिए जाएंगे विशेष फंड
अखिलेश यादव ने कहा कि रिमोट सेंसिंग विभाग को 50 से 100 करोड़ रुपये के विशेष फंड दिए जाएंगे। विभाग को यह पता लगाने का निर्देश दिया जाएगा कि गाड़ी कहां से चली थी और किस रास्ते से उस जगह पहुंची थी जहां घटना हुई।
समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल मुख्य रूप से किसानों के फायदे के लिए और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व कृषि क्षेत्रों में किया जाएगा। वह रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करके अपराधों से निपटने और फर्जी एनकाउंटरों पर रोशनी डालने के लिए भी करेंगे।
भाजपा सरकार पर तीखे हमले
अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ आलोचना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल ने निवेश आने का सपना दिखाया, लेकिन उद्योग नहीं लगे और रोजगार नहीं बढ़े।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों से जमीनें तो ले ली गईं, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही सर्किल रेट में वृद्धि की गई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान नहीं करती।
अखिलेश के अनुसार, भाजपा शासन के दौरान हर साल 15 से ज्यादा आंबेडकर की मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 72 जिलों में बाबा साहेब की 151 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि इस मामले में केवल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।