लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करने के लिए चुनाव विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। अब नए मतदाताओं और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों तक पहुंचने के लिए सरकारी दफ्तरों और मतदान केंद्रों तक ही सीमित रहने के बजाय उनके कार्यस्थलों और आवासीय परिसरों में भी विशेष पंजीकरण कैंप लगाए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार, 6 नवंबर को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए कि वे सरकारी और निजी संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न पेशेवर संगठनों के सहयोग से विशेष मतदाता पंजीकरण शिविर आयोजित कराएं। यह पहल विधानसभा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)-2027 का हिस्सा है।
फैक्ट्रियों और कॉरपोरेट दफ्तरों में पहुंचेंगे चुनाव अधिकारी
इस अभियान के तहत सार्वजनिक उपक्रमों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कॉरपोरेट कार्यस्थलों पर कैंप लगाने की योजना है। इसका उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को मतदाता सूची में शामिल कराना है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों की मदद से फैक्ट्रियों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारियों तक भी पहुंच बनाई जाएगी। इसमें ठेका श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों पर विशेष ध्यान रहेगा।
हाउसिंग सोसायटियों और अपार्टमेंट में भी लगेंगे कैंप
शहरों में तेजी से बढ़ती आवासीय सोसायटियों और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले नए लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की मदद से ऐसे निवासियों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम अभी तक वोटर लिस्ट में नहीं है।
इसमें पहली बार वोट देने वाले युवा, दूसरे इलाकों से आकर बसे परिवार और ऐसे पात्र नागरिक शामिल होंगे, जो किसी वजह से मतदाता सूची में पंजीकरण नहीं करा सके हैं।
अस्पतालों, नर्सिंग होम और घनी बस्तियों पर भी नजर
चुनाव विभाग इस मुहिम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और मेडिकल संस्थानों का सहयोग भी लेगा। इन संस्थानों के जरिए पंजीकरण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि दूरदराज और अपेक्षाकृत कम सुविधा वाले इलाकों के पात्र नागरिक भी इस प्रक्रिया तक पहुंच सकें।
इसके अलावा सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक घनी आबादी वाले शहरी इलाकों और मलिन बस्तियों में ऐसे लोगों की पहचान करने में मदद करेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। मौजूदा और पूर्व ग्राम प्रधानों, पार्षदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रतिष्ठित नागरिकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
12 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची का अगला चरण
इस विशेष पुनरीक्षण की समय-सारिणी के अनुसार 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार के लिए दावे तथा आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित संस्थानों और संगठनों से समन्वय करके विशेष अभियान दिवसों तथा अन्य उपयुक्त अवसरों पर कैंप आयोजित कराने को कहा गया है। इन कैंपों की तारीख और स्थान की जानकारी स्थानीय जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त की जा सकेगी।
मतदाताओं के लिए क्यों जरूरी है यह अभियान?
इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव, काम की व्यस्तता या पंजीकरण प्रक्रिया तक पहुंच न होने के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए। खासकर युवा मतदाताओं, कामकाजी लोगों, नए निवासियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सूची में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
मतदाताओं को सलाह है कि वे प्रारूप सूची जारी होने पर अपना नाम और विवरण जरूर जांचें। यदि नाम छूटा हो या किसी जानकारी में गलती हो, तो तय अवधि में संबंधित आवेदन और आपत्ति दर्ज कराएं। ध्यान रहे, कैंप आयोजित करने का निर्देश जारी हुआ है; हर दफ्तर या सोसायटी में कैंप की तारीख अभी अलग से घोषित हो सकती है।