ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में दो महत्वपूर्ण बांधों की सड़क और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। कचनौंदा बांध और लोअर रोहिणी बांध पर सड़क निर्माण और पैराविट (सड़क किनारे सुरक्षा दीवार/रेलिंग) के काम के लिए कुल 17.86 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सुधार कार्यों से बांधों के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही आसान होने के साथ सुरक्षा भी मजबूत होगी।
कचनौंदा बांध पर खर्च होंगे ₹8.50 करोड़
कचनौंदा बांध पर प्रस्तावित कार्यों के लिए 8.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यहां लगभग 3.600 किलोमीटर लंबी टॉप सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसी लंबाई में पैराविट का काम भी किया जाएगा।
समय के साथ बांध की मौजूदा सड़क और सुरक्षा व्यवस्था खराब हो गई थी। ऐसे में नए निर्माण से आवागमन को सुगम बनाने और सड़क किनारे सुरक्षा संबंधी जोखिम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लोअर रोहिणी बांध पर ₹9.36 करोड़ का काम
लोअर रोहिणी बांध पर इस परियोजना के तहत 9.36 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां भी करीब 3.6 किलोमीटर लंबी नई टॉप सड़क और इतनी ही लंबाई में पैराविट का निर्माण प्रस्तावित है।
दोनों बांधों पर सड़क और सुरक्षा से जुड़े काम पूरे होने के बाद स्थानीय लोगों और बांध से जुड़े कार्यों के लिए आने-जाने वाले वाहनों को सुविधा मिलेगी।
हजारों किसानों को मिलता है सिंचाई का लाभ
कचनौंदा बांध की जल भंडारण क्षमता 69 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) बताई गई है। इससे करीब 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है और लगभग 12 हजार किसान लाभान्वित होते हैं।
वहीं लोअर रोहिणी बांध की जल भंडारण क्षमता 12.74 MCM है। इससे लगभग 1,800 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है और करीब 1,250 किसानों को लाभ मिलता है।
पेयजल योजनाओं के लिए भी अहम हैं दोनों बांध
इन बांधों का महत्व केवल खेती तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने वाली योजनाओं के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
- कचनौंदा बांध: कचनौंदा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत प्रतिदिन करीब 26 एमएलडी पानी लिया जाता है। इससे 61 गांवों के लगभग 22,452 परिवारों को पानी पहुंचाया जाता है।
- लोअर रोहिणी बांध: सुकुलगुवां ग्राम समूह पेयजल परियोजना के तहत प्रतिदिन करीब 4 एमएलडी पानी लिया जाता है। इससे 16 गांवों के लगभग 3,297 परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
अब आगे क्या होगा?
सिंचाई विभाग के अनुसार इन निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यानी अभी टेंडर प्रक्रिया और उसके बाद निर्माण से जुड़े चरण बाकी हैं। परियोजना पूरी होने पर दोनों बांधों की टॉप सड़क और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।