कमियां दूर करने पर मिली कारोबार की अनुमति
उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने 86 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस पहले खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां मिलने पर निलंबित किए गए थे। बाद में कारोबारियों ने विभाग के निर्देशों के मुताबिक जरूरी सुधार किए। निरीक्षण और सत्यापन में सुधार की पुष्टि होने के बाद उन्हें दोबारा कारोबार शुरू करने की अनुमति दी गई।
3,035 निरीक्षण, 1,752 प्रतिष्ठानों को नोटिस
17 सितंबर 2026 से शुरू हुए अभियान के तहत 5 नवंबर तक प्रदेशभर में 3,035 निरीक्षण किए गए। इस दौरान:
- 112 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
- 1,752 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी हुए।
- 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सुधार के बाद बहाल किए गए।
- गंभीर मामलों में तीन FIR दर्ज कराई गईं।
लखनऊ के कई बड़े प्रतिष्ठानों को भी राहत
इस अभियान के तहत लखनऊ के कुछ चर्चित खाद्य प्रतिष्ठानों ने भी जरूरी सुधार कर दोबारा कारोबार की अनुमति प्राप्त की है। इनमें बीकानेरवाला, चंपारण, मोतीमहल डीलक्स, क्लब जलवा और रेबेल फूड जैसे नाम शामिल हैं।
विभाग ने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रक्रिया में स्वच्छता जैसे बिंदुओं पर सुधार करने के निर्देश दिए थे।
मिलावट पर सख्ती, ₹1.41 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त
FSDA की सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य कारोबारियों को परेशान करना या उनका व्यवसाय बंद कराना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है।
हालांकि, जानबूझकर मिलावट करने, प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल करने और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान करीब 55.60 कुंतल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.41 करोड़ बताई गई है।
15 नवंबर तक नियमित प्रवर्तन कार्रवाई स्थगित
दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए विभाग ने 15 नवंबर तक नियमित प्रवर्तन कार्रवाई स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान जारी रहेगा। इस दौरान कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा, सामग्री के भंडारण, स्वच्छता और खाद्य योजकों के सही इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया जाएगा।