लखनऊ में साइबर अपराधियों ने अब घरेलू गैस कनेक्शन और मीटर अपडेट के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक मामले में ग्रीन गैस मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर करीब ₹32 लाख की ठगी किए जाने का आरोप सामने आया है। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद झारखंड के धनबाद से एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वह धनबाद का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसे धनबाद थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ लाया गया।
WhatsApp पर भेजी गई थी फर्जी APK फाइल
मामले की शुरुआत 9 सितंबर 2026 को हुई, जब लखनऊ निवासी कुमुद चंद्र अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उन्हें WhatsApp पर ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी।
पीड़ित ने फाइल डाउनलोड कर ली। पुलिस का आरोप है कि इस फाइल में मालवेयर था, जिसके जरिए साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली। इसके बाद मोबाइल में मौजूद बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से करीब ₹32 लाख निकाल लिए गए।
धनबाद से गिरफ्तारी, नकदी और कई सिम कार्ड बरामद
लखनऊ पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल सुरागों के आधार पर आरोपी की लोकेशन धनबाद में ट्रेस की। वहां कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से ये सामान बरामद हुआ:
- ₹1,23,400 नकद
- दो मोबाइल फोन
- छह ATM कार्ड
- एयरटेल पेमेंट्स बैंक की चार किट
- 11 सिम कार्ड
जांच एजेंसियां बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और बैंकिंग किट की पड़ताल कर रही हैं, ताकि ठगी की रकम के लेनदेन और संभावित अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
क्या दूसरे लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हैं?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने ग्रीन गैस उपभोक्ताओं की जानकारी कहां से हासिल की और क्या इस काम में अन्य लोग भी शामिल थे। बरामद ATM कार्ड, सिम कार्ड और पेमेंट बैंक किट के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर इसी तरह की अन्य शिकायतें भी सामने आई हैं। इसलिए जांच का दायरा केवल एक पीड़ित तक सीमित नहीं है। हालांकि, इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका अभी जांच के अधीन है।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
इस घटना के बाद गैस उपभोक्ताओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- WhatsApp पर आई किसी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- मीटर अपडेट के लिए कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सेवा माध्यम से ही संपर्क करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंकिंग पासवर्ड या PIN न बताएं।
- मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए तो बैंक से तुरंत संपर्क कर खाते सुरक्षित कराएं।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।