दसवें दीपोत्सव के लिए अयोध्या तैयार
रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव का दसवां संस्करण भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। 7 नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन के लिए राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये सजाए गए हैं।
अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने लगातार कई दिनों तक घाटों पर दीप सजाने का काम किया। दीयों को निर्धारित कतारों और ब्लॉकों में व्यवस्थित किया गया है, ताकि एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होने पर सरयू तट का नजारा भव्य दिखाई दे।
2,100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण
इस बार दीपोत्सव में परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम देखने को मिलेगा। करीब 2,100 ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण से जुड़े प्रसंगों और आकृतियों को प्रदर्शित करने की तैयारी है। इसके अलावा लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
2,147 अर्चक करेंगे सामूहिक सरयू आरती
दीपोत्सव के धार्मिक कार्यक्रमों में सामूहिक सरयू महाआरती विशेष आकर्षण होगी। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार 2,147 अर्चक सामूहिक आरती में शामिल होंगे। इससे सरयू तट पर भक्ति और आध्यात्मिकता का विशेष दृश्य देखने को मिलेगा।
सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे आयोजन क्षेत्र में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और प्रमुख स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
दीपोत्सव का सफर: 2017 से 2026 तक
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले संस्करण में लगभग 1.71 लाख दीये जलाए गए थे। अब दसवें संस्करण में यह आयोजन 30 लाख से अधिक दीयों तक पहुंच गया है। पिछले वर्षों में दीपोत्सव का विस्तार धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन के बड़े आकर्षण के रूप में हुआ है।