लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में किसान पथ पर सोमवार देर शाम फॉर्मेलिन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद हड़कंप मच गया। हादसे के बाद टैंकर से केमिकल का रिसाव हुआ और उसकी तेज गंध आसपास के इलाके में फैल गई। कई लोगों ने आंखों, नाक और गले में जलन तथा सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हिस्से में आवाजाही रोक दी और वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया।
मानपुर-बामा अंडरपास के पास हुआ हादसा
रिपोर्टों के मुताबिक हादसा किसान पथ पर मानपुर-बामा अंडरपास के आसपास हुआ। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि टैंकर का टायर फट गया, जिसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टैंकर सड़क पर पलट गया। टैंकर पलटने के बाद फॉर्मेलिन सड़क पर फैलने लगा और तेज वाष्प/गंध के कारण आसपास के लोगों को परेशानी होने लगी।
टैंकर में फॉर्मेलिन हरदोई के संडीला क्षेत्र से लाया जा रहा था और इसे लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र की एक प्लाईवुड फैक्ट्री तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्टों में वाहन की दिशा को लेकर अलग जानकारी सामने आई है; इसलिए इस बिंदु पर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना बेहतर होगा।
रिसाव के बाद कई इलाकों में लोगों को परेशानी
केमिकल फैलने के बाद आसपास के गांवों और हॉस्टल इलाकों में रहने वाले लोगों ने आंखों में जलन, खांसी, खुजली और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। कुछ रिपोर्टों में असर लगभग एक से दो किलोमीटर के दायरे तक महसूस होने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में इससे बड़े क्षेत्र और हजारों लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख है। प्रभावित आबादी के आंकड़ों में अंतर होने के कारण प्रशासन से अंतिम आंकड़े की पुष्टि जरूरी है।
घटना के बाद आसपास रहने वाले कई लोग एहतियातन घरों और हॉस्टल के कमरों के अंदर चले गए। कुछ विद्यार्थियों ने तेज गंध और आंखों में जलन की शिकायत की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से हादसे वाली जगह से दूर रहने की अपील की।
किसान पथ पर आवाजाही रोकी गई
फॉर्मेलिन के रिसाव को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर दी। कई रिपोर्टों के अनुसार दोनों तरफ करीब 500-500 मीटर तक आवाजाही रोकी गई और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। कुछ समय के लिए किसान पथ/प्रभावित सड़क हिस्से को सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया।
इस दौरान पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत दलों ने सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ मौके पर काम किया। अधिकारियों का प्राथमिक उद्देश्य रिसाव को नियंत्रित करना और सड़क को दोबारा सुरक्षित बनाना रहा।
SDRF और NDRF की टीमें मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए SDRF और NDRF समेत विशेषज्ञ टीमों को मौके पर लगाया गया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही सीमित की। विशेषज्ञों की मदद से सड़क पर फैले रसायन को निष्क्रिय करने और आगे फैलने से रोकने की कार्रवाई की गई।
लखनऊ के उत्तर क्षेत्र के डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि विशेषज्ञ टीमें केमिकल को neutralise करने में जुटी थीं और स्थिति को नियंत्रण में बताया गया। मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद रही।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया।
प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गई कि वे अनावश्यक रूप से घटनास्थल की तरफ न जाएं और यदि आंखों या त्वचा में जलन महसूस हो तो प्रभावित हिस्से को साफ और ठंडे पानी से धोएं।
फॉर्मेलिन से क्यों बढ़ी चिंता?
फॉर्मेलिन एक ऐसा रासायनिक घोल है जिसमें फॉर्मेल्डिहाइड मौजूद होता है। इसके संपर्क या तेज वाष्प के संपर्क में आने पर आंखों, नाक और गले में जलन, खांसी और त्वचा पर irritation जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी वजह से रिसाव की स्थिति में सामान्य लोगों को घटनास्थल से दूर रखना और सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ containment करना जरूरी होता है।
अभी सबसे बड़ा फोकस सड़क को सुरक्षित करना
हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती केमिकल के अवशेष को सुरक्षित तरीके से हटाना और सड़क को सामान्य यातायात के लिए सुरक्षित बनाना रही। इसके साथ ही आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए मेडिकल टीमों को भी अलर्ट रखा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक फिलहाल कोई बड़ी जनहानि सामने नहीं आई है, लेकिन केमिकल के संपर्क में आने से कई लोगों को परेशानी हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।