उत्तर प्रदेश में नकली नोटों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और श्रावस्ती पुलिस ने एक कथित नकली करेंसी गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त टीम ने जिले में छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से करीब ₹1.74 लाख के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।
यह कार्रवाई श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के भीठिया चिचड़ी गांव स्थित गिरिराज राइस मिल में की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने की तैयारी कर रहे थे।
₹100, ₹200 और ₹500 के नकली नोट बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को अलग-अलग मूल्यवर्ग के जाली नोट मिले। इनमें ₹100, ₹200 और ₹500 के नकली नोट शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा एक कलर प्रिंटर और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई।
पुलिस बरामद नोटों की गुणवत्ता, छपाई के तरीके और उनके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले कितने नकली नोट तैयार किए और उनमें से कितने बाजार तक पहुंचाए।
दिवाली के दौरान नकली नोट चलाने की थी तैयारी?
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर त्योहारों के दौरान बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, कितनी करेंसी बाजार में पहुंचाई गई और किन स्थानों पर इसे चलाने की कोशिश हुई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
STF खंगाल रही नेटवर्क की कड़ियां
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोट छापने के लिए कागज, प्रिंटर और अन्य सामग्री कहां से लाई गई थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस काम में कोई अन्य व्यक्ति आर्थिक मदद कर रहा था या आरोपियों का किसी बड़े गिरोह से संपर्क था।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि तैयार किए गए नकली नोटों की सप्लाई किन बाजारों या लोगों तक की जानी थी। फिलहाल नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका जांच के दायरे में है।
लखनऊ STF की टीम ने की कार्रवाई
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्रवाई लखनऊ स्थित STF इकाई की टीम और श्रावस्ती पुलिस के सहयोग से की गई थी, लेकिन नकली नोटों की कथित छपाई का ठिकाना श्रावस्ती जिले में था। इसलिए इसे लखनऊ में नकली नोटों की फैक्ट्री पकड़े जाने की घटना बताना सही नहीं होगा।