उत्तर प्रदेश के डीएलएड (बीटीसी) प्रशिक्षण 2026 में दाखिले के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग 5 अक्टूबर से शुरू होगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने निजी कॉलेजों की खाली सीटें भरने के लिए यह नया कार्यक्रम जारी किया है।
प्रदेश में डीएलएड की कुल 2,39,500 सीटें हैं, जबकि इनके लिए सिर्फ 1,52,202 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पहले दो चरणों की काउंसलिंग के बाद भी डायट सहित कुल 1,01,000 सीटें ही भर सकी हैं।
अंतिम मौका, तीन दिन का समय
परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव राजेंद्र प्रताप ने बताया कि यह उन अभ्यर्थियों के लिए दाखिला पाने का आखिरी अवसर है, जिन्हें पहले दो चरणों में कोई संस्थान आवंटित नहीं हुआ।
स्टेट रैंक 1 से 1,52,202 तक के सभी आवेदित अभ्यर्थी, जिन्हें अब तक सीट नहीं मिली, वे 5 अक्टूबर की दोपहर से 7 अक्टूबर शाम 6 बजे तक 5,000 रुपये काउंसलिंग शुल्क ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इसी तीन दिन की अवधि में उन्हें पोर्टल पर अपनी पसंद के कॉलेजों की चॉइस फिलिंग भी पूरी करनी होगी।
निजी कॉलेजों और डायट में सीटों का हाल
अब तक हुए आवंटन में निजी कॉलेजों में 93,339 और डायट में 7,579 सीटें ही भर सकी हैं। यानी निजी कॉलेजों की आधी से ज्यादा सीटें अभी खाली पड़ी हैं।
अभ्यर्थियों और निजी संस्थानों के अनुरोध पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने यह अतिरिक्त चरण कराने का फैसला लिया। तीसरे चरण में मेरिट के आधार पर ही प्रशिक्षण संस्थानों का आवंटन किया जाएगा।
डीएलएड कॉलेजों में सीटें खाली रहने की समस्या इस साल ही नहीं, बल्कि पिछले साल भी देखी गई थी। एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।