उत्तर प्रदेश में नकली करेंसी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ से पहुंची यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और श्रावस्ती पुलिस ने सोनवा थाना क्षेत्र की एक चावल मिल में छापेमारी कर कथित तौर पर नकली नोट छापने का काम कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से करीब 1 लाख 74 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
श्रावस्ती की गिरिराज राइस मिल में चल रहा था खेल
यह कार्रवाई श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के भिठिया चिचड़ी गांव स्थित गिरिराज राइस मिल में की गई। पुलिस के मुताबिक, 5 नवंबर की रात एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मिल के अंदर भारतीय मुद्रा के नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मिल में छापा मारा। तलाशी के दौरान नकली नोट बनाने का कथित सेटअप मिला और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अलग-अलग मूल्यवर्ग के नकली नोट बरामद किए। इनमें 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। बरामद जाली करेंसी का कुल मूल्य ₹1,74,000 बताया गया है।
इसके अलावा मौके से कलर प्रिंटर, इंक रिफिल, विशेष कागज, स्केल, कटर ब्लेड, कैंची, अधबनी सामग्री और नोटों की कतरनें भी मिलीं। पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य सामान भी कब्जे में लिया।
मुंबई में सीखा था नकली नोट छापने का तरीका
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
1. गिरिजा शंकर जायसवाल – निवासी बहराइच, चावल मिल के मालिक।
2. नरेंद्र कुमार चौरसिया – निवासी श्रावस्ती।
3. बृजेंद्र गोस्वामी – निवासी श्रावस्ती।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में बृजेंद्र गोस्वामी ने बताया कि उसने मुंबई में रहते हुए नकली नोट छापने का तरीका सीखा था। बाद में श्रावस्ती लौटकर उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यह काम शुरू किया। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है।
दिवाली पर जुआ खेलने वालों के बीच नोट खपाने की तैयारी
जांच में सामने आए पुलिस के दावे के अनुसार, आरोपी दिवाली के दौरान जुआ खेलने वालों के बीच नकली नोट चलाने की योजना बना रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि त्योहार के समय नकदी का लेनदेन बढ़ने से जाली नोट बाजार में खपाना आसान होगा।
हालांकि, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह ने पहले कितने नकली नोट तैयार किए और क्या इससे पहले भी बाजार में उनकी सप्लाई की गई थी।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में सोनवा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब जांच का दायरा बढ़ाकर यह पता लगाया जा रहा है कि नकली करेंसी तैयार करने में और कौन-कौन शामिल था तथा इसे किन जिलों या बाजारों में पहुंचाने की योजना थी।